झांसी की एक अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री राखी सावंत के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया है। यह मामला 16 साल पुराना है, जब एक रियलिटी शो के दौरान अभिनेत्री की टिप्पणी से आहत होकर एक युवक की मौत हो गई थी। बार-बार समन भेजने के बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर सीएडब्ल्यू (एफटीसी) कोर्ट ने यह सख्त कदम उठाया है। मामले की अगली सुनवाई अब 1 दिसंबर को तय की गई है।
क्या था 16 साल पुराना मामला?
साल 2010 में एनडीटीवी इमेजिन चैनल पर ‘राखी का इंसाफ’ शो प्रसारित होता था। प्रेमनगर के टोरिया मोहल्ले के रहने वाले 24 वर्षीय लक्ष्मण प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी अनीता के साथ इसी शो में पहुंचे थे। लक्ष्मण ठेले पर सब्जी बेचकर गुजर-बसर करता था। शादी के करीब सात महीने बाद दोनों के बीच घरेलू विवाद शुरू हो गया था, जिसके बाद अनीता अपने मायके चली गई थी।
अनीता ने आरोप लगाया था कि लक्ष्मण शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था और परिवार के एक सदस्य का आचरण भी ठीक नहीं था। इसी विवाद को सुलझाने के नाम पर लक्ष्मण अपनी मां सावित्री, मामी पूजा और मामा बलबीर के साथ मुंबई गया था। परिवार पहले दिल्ली तक ट्रेन से और फिर वहां से विमान के जरिए मुंबई पहुंचा था।
शो में अपमान के बाद बिगड़ी थी तबीयत
लक्ष्मण की मां सावित्री ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि शो के दौरान राखी सावंत ने उनके बेटे को राष्ट्रीय टेलीविजन पर 'नामर्द' कहकर अपमानित किया था। प्रसारण के बाद लक्ष्मण गहरे मानसिक तनाव में आ गया था। वह लोगों के सामने जाने से कतराने लगा था, उसने खाना-पीना छोड़ दिया था और रातभर जागता रहता था।
मां के पूछने पर लक्ष्मण ने रोते हुए कहा था कि राखी सावंत ने उसकी जिंदगी पूरी तरह बर्बाद कर दी है और अब वह जीना नहीं चाहता। तबीयत बिगड़ने पर उसे 9 नवंबर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां अगले दिन यानी 10 नवंबर को उसकी मौत हो गई। लक्ष्मण की मां की शिकायत पर ही पुलिस ने राखी सावंत के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
