जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। पुंछ जिले में सेना के तलाशी अभियान के दौरान सात संदिग्ध आईईडी और एक एलएमजी मैगजीन बरामद की गई है। वहीं, बारामूला और कुपवाड़ा में भी आतंकवादियों के मददगारों पर कार्रवाई की गई है।
पुंछ के कासबलारी में मिला हथियारों का जखीरा
पुंछ के कासबलारी गांव के पास 156 टेरिटोरियल आर्मी और 37 राष्ट्रीय राइफल्स ने संयुक्त रूप से यह सर्च ऑपरेशन चलाया था। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की खुफिया जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
तलाशी के दौरान सुरक्षाबलों ने भूरे टेप से लिपटे छह कंटेनर और नीले टेप से लिपटा एक अन्य कंटेनर बरामद किया। इसके अलावा एक संदिग्ध मैगजीन कंटेनर, एक काला बैग, कॉम्बैट पाउच, पावर अडैप्टर, बिजली का स्रोत, एल्युमिनियम कंटेनर और एक टिफिन भी मौके से मिला। इन सभी सामग्रियों को सुरक्षाबलों ने अपने कब्जे में ले लिया है।
बारामूला में दो ओवरग्राउंड वर्कर गिरफ्तार
इससे पहले बारामूला पुलिस और 52 राष्ट्रीय राइफल्स ने डेलिना घाट के पास डारपुरा नर्सरी इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया था। इस कार्रवाई के दौरान दो संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्करों (OGW) को दबोचा गया।
पकड़े गए दोनों संदिग्ध सोपोर के चिंकीपोरा के रहने वाले हैं। उन पर आतंकवादियों तक हथियार और विस्फोटक पहुंचाने का संदेह है। तलाशी में उनके पास से तुर्की में बनी कनिक पिस्टल, 10 कारतूस वाली एक मैगजीन और दो आईईडी बरामद किए गए। सुरक्षा एजेंसियों का रिकॉर्ड बताता है कि पिछले 60 दिनों के भीतर इस इलाके से कुल 18 आतंकी मददगारों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कुपवाड़ा में हिजबुल का पूर्व आतंकी दबोचा
उधर, कुपवाड़ा जिले में सुरक्षा बलों ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े पूर्व आतंकी मंजूर अहमद भट को पकड़ा। उसके पास से चीन में बनी एक पिस्तौल, दो मैगजीन और 16 गोलियां मिलीं।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मंजूर पहले भी दो आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि वह सक्रिय रूप से आतंकी गतिविधियों में मदद करने के साथ-साथ गिरोह के सदस्यों को हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था। तीनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
