मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) का एक और संस्करण आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार देर रात मुंबई के कार्यक्रम से लौटने के बाद भोपाल में उद्योग संगठनों और निवेशकों के साथ हुई बैठकों में यह घोषणा की।
सरकार का यह कदम राज्य के सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रहकर संभाग और जिला स्तर पर औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने की रणनीति का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर नए उद्योगों के आने से युवाओं और स्थापित उद्यमियों दोनों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के नए अवसर मिल रहे हैं।
मुंबई दौरे के बाद देर रात तक बैठकें
गुरुवार को मुंबई में निवेशक सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद मुख्यमंत्री भोपाल लौटे थे। इसके बाद भी उनका व्यस्त कार्यक्रम जारी रहा। देर रात तक उन्होंने कई औद्योगिक संगठनों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
बैठकों के दौरान राज्य के छोटे शहरों और ग्रामीण अंचलों तक मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर को ले जाने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार का जोर इस बात पर है कि हर संभाग अपनी स्थानीय खूबियों और संसाधनों के आधार पर औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो।
स्थानीय युवाओं और उद्यमियों को बढ़ावा
राज्य सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना है। पारंपरिक रूप से इंदौर और भोपाल तक सीमित रहने वाला औद्योगिक निवेश अब उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर जैसे संभागों तक पहुंच रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर इन इलाकों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने और निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए सहूलियत देने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में इन क्षेत्रीय संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रमुखता से रखा जाएगा।
