जोधपुर के बासनी हड्डी मिल क्षेत्र में सोमवार सुबह एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में अचानक आग भड़क उठी। हादसे के दौरान फैक्ट्री का लोहे का टीन शेड भरभरा कर नीचे गिर गया। आवासीय इलाके के करीब बनी इस इकाई में आग लगने से आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। दमकल की गाड़ियों ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।
पांच स्टेशनों से बुलाई गईं दमकल गाड़ियां
मुख्य अग्निशमन अधिकारी जयसिंह चौहान के मुताबिक, श्रमिक बस्ती के पास संचालित इस हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में सुबह आग लगने की सूचना मिली थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बासनी के अलावा शास्त्रीनगर, चौपासनी, बोरानाडा और मंडोर फायर स्टेशनों से दमकल गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं।
फायर कर्मियों की लगातार कोशिशों के बाद आग बुझाई जा सकी। गनीमत यह रही कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे या जनहानि की खबर नहीं है। हालांकि, आग किस वजह से लगी, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
आवासीय इलाकों में अवैध फैक्ट्रियों का संचालन
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जोधपुर शहर के घनी आबादी वाले इलाकों में कई जगह औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस क्षेत्र में कई फैक्ट्रियां नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही हैं।
इस बीच, नगर निगम के अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि संबंधित फैक्ट्री के पास वैध लाइसेंस था या यह अवैध रूप से चलाई जा रही थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
शहर के आवासीय क्षेत्रों में अवैध और असुरक्षित फैक्ट्रियों के संचालन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले बासनी के गणेश नगर इलाके में एक अवैध केमिकल फैक्ट्री में आग लगने के बाद भीषण ब्लास्ट हुआ था, जिसमें कई दमकलकर्मियों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इस पुरानी दुर्घटना के बावजूद नगर निगम और अन्य प्रशासनिक अमले की ओर से अवैध औद्योगिक इकाइयों पर अब तक कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
