अमेरिकी हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने अपने बेबी पाउडर और अन्य टैल्क उत्पादों से जुड़े हजारों मुकदमों के निपटारे के लिए 5.5 अरब डॉलर यानी करीब 52 हजार करोड़ रुपये के भुगतान का ऐलान किया है। यह समझौता न्यू जर्सी की फेडरल कोर्ट और अन्य अदालतों में लंबित करीब 76 हजार दावों को कवर करेगा। कंपनी ने यह साफ किया है कि इस समझौते का यह मतलब नहीं है कि उसने उत्पादों से कैंसर होने की बात स्वीकार कर ली है।
कंपनी का कहना है कि उसके टैल्क उत्पाद सुरक्षित हैं और उनमें एस्बेस्टस नहीं था। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया को खत्म करने के लिए कंपनी ने समझौते का रास्ता चुना है। यह भुगतान दो चरणों में होगा, जिसमें 2027 में 3 अरब डॉलर और बाकी रकम 2028 में दी जाएगी। वकीलों के मुताबिक, अधिक दावेदार शामिल होने पर कुल रकम 7 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
क्या था पूरा मामला?
हजारों महिलाओं ने वर्षों पहले मुकदमे दायर कर आरोप लगाया था कि कंपनी के टैल्क आधारित उत्पादों के लंबे समय तक इस्तेमाल से उन्हें ओवेरियन कैंसर हुआ। कुछ मामलों में एस्बेस्टस की मौजूदगी के कारण मेसोथेलियोमा कैंसर होने के भी आरोप लगाए गए थे। दशकों तक दुनिया के सबसे भरोसेमंद उत्पादों में गिने जाने वाले इस बेबी पाउडर की बिक्री कंपनी ने 2020 में अमेरिका में बंद कर दी थी और कॉर्नस्टार्च आधारित पाउडर बाजार में उतारा था।
समझौते की शर्तें और दिवालिया रणनीति
गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता तभी अंतिम माना जाएगा जब ओवेरियन कैंसर से जुड़े कम से कम 95 फीसदी दावेदार इसे स्वीकार करेंगे। मुकदमों से बचने के लिए कंपनी ने पहले 'टेक्सास टू-स्टेप' नामक कानूनी रणनीति अपनाई थी और सहायक कंपनी के जरिए तीन बार दिवालिया संरक्षण की कोशिश की थी, जिसे अदालतों ने खारिज कर दिया था। इसके बाद मार्च 2025 में मामले की सुनवाई फिर शुरू हुई थी।
फिलहाल, इस समझौते के तहत मौजूदा पीड़ितों को पहले के प्रस्तावों की तुलना में अधिक रकम मिलेगी और भुगतान करीब 18 महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में दायर होने वाले नए मुकदमे इस समझौते का हिस्सा नहीं होंगे।
