Wednesday, 30 September 2026
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खंडवा बस स्टैंड खूनी संघर्ष: इलाज के दौरान घायल किशन गुप्ता की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

संक्षेप में

खंडवा के पदम नगर बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश के चलते हुए खूनी संघर्ष में घायल किशन गुप्ता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया।

मुख्य बातें

  • खंडवा के पदम नगर थाना क्षेत्र के बस स्टैंड पर यादव और गुप्ता परिवार में खूनी संघर्ष हुआ।
  • चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल किशन गुप्ता की इलाज के दौरान मौत हो गई।
  • दूसरे पक्ष के हर्षल यादव का गला कटने के बाद उन्हें इंदौर रेफर किया गया।
  • परिजनों ने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और अस्पताल में प्रदर्शन किया।
मध्य प्रदेश
खंडवा बस स्टैंड खूनी संघर्ष: इलाज के दौरान घायल किशन गुप्ता की मौत, अस्पताल में परिजनों का हंगामा

खंडवा के पदम नगर बस स्टैंड पर पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल किशन गुप्ता की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हमले में एक अन्य पक्ष से हर्षल यादव का गला कट गया था, जिन्हें गंभीर हालत में इंदौर रेफर किया गया था। मौत की खबर सामने आते ही मृतक के परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया।

पुरानी रंजिश और हमले की वजह

यादव और गुप्ता परिवार के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, जिसके चलते पहले भी कई बार झड़पें हो चुकी हैं। स्थानीय पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों की पुरानी शिकायतों पर पूर्व में मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, इस बार हमला सुनियोजित तरीके से किए जाने का आरोप लगाया गया है।

मृतक किशन गुप्ता ने अस्पताल में इलाज के दौरान दिए गए बयानों में संदीप यादव, टिन्ना यादव और स्थानीय पार्षद विजय यादव के बेटों पर धारदार हथियारों से हमला करने का गंभीर आरोप लगाया था। चाकू के वार से गंभीर रूप से घायल किशन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

अस्पताल में हंगामा और परिजनों का प्रदर्शन

किशन गुप्ता की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव ले जाने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि घटना से चार दिन पहले भी उन पर हमला हुआ था, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिसकी वजह से यह बड़ा हादसा हुआ।

"पुलिस ने समय पर कार्रवाई की होती, तो यह जान नहीं जाती। आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।" — मृतक के परिजन

हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक कंचन तनवे घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचीं, जिन्हें देखकर गुप्ता परिवार का गुस्सा और बढ़ गया। परिजनों ने विधायक पर विरोधी पक्ष को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाया। मौके पर पहुंचे कोतवाली टीआई और पुलिस अधिकारियों की समझाइश और सख्त धाराओं में कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन शव ले जाने के लिए राजी हुए।

पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आरोपियों की गिरफ्तारी तेज कर दी है। सीएसपी अभिनव बारांगे ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और अब धाराओं को और गंभीर किया जा रहा है।

"सभी नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में जो भी तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — अभिनव बारांगे, सीएसपी

पुलिस का कहना है कि दूसरे पक्ष के घायल हर्षल यादव का इंदौर में इलाज जारी है, जिनके स्वस्थ होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। फिलहाल बस स्टैंड इलाके में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खंडवा बस स्टैंड पर खूनी संघर्ष क्यों हुआ?

खंडवा के पदम नगर बस स्टैंड पर यादव और गुप्ता परिवार के बीच पुरानी रंजिश के चलते खूनी संघर्ष हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

किशन गुप्ता की मौत कैसे हुई?

चाकू से हुए हमले में गंभीर रूप से घायल किशन गुप्ता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

अस्पताल में परिजनों ने हंगामा क्यों किया?

परिजनों ने पुलिस पर चार दिन पहले हुई शिकायत पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया और हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शव ले जाने से इनकार कर दिया।

पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?

सीएसपी अभिनव बारांगे के मुताबिक, मामले में गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।