खरगोन जिला जेल से चार दिन पहले दीवार फांदकर फरार हुआ 23 वर्षीय कैदी अरुण धुर्वे आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जेल प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। यह कैदी पॉक्सो एक्ट और नाबालिग के अपहरण के मामले में सजा काट रहा था।
भसनेर और संतोषी माता के घने जंगल में दबोचा
थाना प्रभारी बीएल मंडलोई के मुताबिक, इंदिरा नगर निवासी अरुण धुर्वे को मंगलवार को भसनेर और संतोषी माता के बीच स्थित घने जंगल से पकड़ा गया। फरारी के बाद से ही पुलिस की टीमें खरगोन के अलावा सेंधवा और नेपानगर के इलाकों में उसकी लगातार तलाश कर रही थीं।
7 अक्टूबर को सुनाई गई थी 20 साल की सजा
अरुण धुर्वे (23) को अदालत ने पिछले महीने 7 अक्टूबर को पॉक्सो एक्ट, नाबालिग के अपहरण और उत्पीड़न के एक मामले में 20 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। सजा के कुछ ही दिनों बाद, 16 अक्टूबर को वह जेल की दीवार फांदकर फरार होने में कामयाब हो गया था, जिसके बाद से पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए अभियान चला रही थी।
