Wednesday, 21 October 2026
अभी का दौर

मल्लिकार्जुन खरगे का पीएम मोदी पर हमला: बोले- वह भी 543 सांसदों में से एक, जनता सब देख रही है

संक्षेप में

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तानाशाही और विपक्ष की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पीएम खुद को संविधान से ऊपर न समझें और मौजूदा परिसीमन के तहत महिला आरक्षण को तत्काल लागू करें।

मुख्य बातें

  • मल्लिकार्जुन खरगे ने पीएम मोदी पर विपक्षी नेताओं के पत्रों का खुद जवाब न देने का आरोप लगाया।
  • खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री भी 543 सांसदों में से एक हैं और खुद को संविधान से ऊपर न समझें।
  • महिला आरक्षण पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा लोकसभा संख्या के आधार पर इसे अभी लागू किया जा सकता है।
  • संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
देश विदेश
मल्लिकार्जुन खरगे का पीएम मोदी पर हमला: बोले- वह भी 543 सांसदों में से एक, जनता सब देख रही है

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री खुद को देश के कानून और संविधान से ऊपर न समझें, क्योंकि वह भी लोकसभा के 543 सांसदों में से महज एक हैं। खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि सरकार उनके पदों और प्रशासनिक व्यवस्था का इस्तेमाल अपने हितों के लिए कर रही है।

खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्ष जब भी देश के अहम मुद्दों पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखता है, तो वे सीधे जवाब देने के बजाय अपने सहयोगियों से जवाब तैयार करवाते हैं।

महिला आरक्षण और सरकार की नीयत पर सवाल

महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मौजूदा लोकसभा की सदस्य संख्या और वर्तमान परिसीमन व्यवस्था के तहत ही एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जा सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कानूनी और प्रशासनिक रूप से यह संभव है, तो इसे लागू करने में अब तक देरी क्यों की जा रही है।

खरगे ने दावा किया कि सत्ता पक्ष इस संवेदनशील विषय पर केवल विपक्ष की छवि धूमिल करने की राजनीति कर रहा है। यदि कांग्रेस पार्टी या अन्य विपक्षी दल महिला आरक्षण के विरोधी होते, तो वे पहले इसे संसद में पारित कराने का प्रयास ही क्यों करते। प्रधानमंत्री इस मोर्चे पर जनता के सामने स्थिति साफ करने के बजाय केवल भ्रम फैला रहे हैं।

'देश की जनता चुप नहीं बैठेगी'

कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ और मनमाने फैसले लिए जाते रहे, तो मतदाता इसका करारा जवाब देंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री को विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले गंभीर मुद्दों पर संज्ञान लेना चाहिए और संसद के भीतर सीधे संवाद से नहीं कतराना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर क्या मुख्य आरोप लगाया?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझते हैं और विपक्षी नेताओं के पत्रों का खुद जवाब देने के बजाय दूसरों से जवाब तैयार करवाते हैं।

महिला आरक्षण को लेकर खरगे ने सरकार से क्या सवाल पूछा?

खरगे ने कहा कि सरकार मौजूदा लोकसभा सदस्य संख्या और वर्तमान परिसीमन व्यवस्था के तहत ही महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें तुरंत आरक्षित कर सकती है, फिर इसे लागू करने में क्या परेशानी है।

खरगे ने किरेन रिजिजू और ज्ञानेश कुमार के संबंध में क्या कहा?

खरगे ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पर्याप्त शक्तियां देने के बजाय सरकार उनका इस्तेमाल केवल एक माध्यम के रूप में कर रही है।

विपक्षी दलों के अपमान को लेकर खरगे की क्या चेतावनी थी?

खरगे ने चेतावनी दी कि यदि सरकार तानाशाही और मनमाने तरीके से काम करती रही, तो देश की जनता चुप नहीं बैठेगी और सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।