प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित टिप्पणी को लेकर जयपुर में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश मुख्यालय से चौमूं हाउस सर्किल तक मार्च निकाला और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे का पुतला फूंका। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोक दिया।
चौमूं हाउस सर्किल पर प्रदर्शन और नारेबाजी
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और एससी मोर्चा के कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस कार्यालय की ओर रवाना हुए थे। चौमूं हाउस सर्किल पर पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पुतले को जूते मारकर रोष जताया और 'प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान' तथा 'राहुल गांधी माफी मांगो' के नारे लगाए। प्रदर्शन में भाजपा कार्यालय प्रभारी मुकेश पारीक, मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ, महिला मोर्चा अध्यक्ष राखी राठौड़, युवा मोर्चा अध्यक्ष शंकर गोरा और जयपुर शहर जिलाध्यक्ष अमित गोयल समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
असभ्यता की पराकाष्ठा: श्रवण सिंह बगड़ी
प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बगड़ी ने कहा- "प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल असभ्यता की पराकाष्ठा है। लोकतंत्र में असहमति के लिए तर्क, संवाद और विचारों की लड़ाई का रास्ता अपनाया जाना चाहिए, व्यक्तिगत कटाक्ष या अपमानजनक टिप्पणियों का नहीं।" उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार खिसकते जनादेश और आंतरिक कलह से जूझ रही कांग्रेस के नेता राजनीतिक हताशा में मर्यादाएं भूल चुके हैं।
सार्वजनिक माफी की मांग
पार्टी नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से इस मामले में बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है। भाजपा प्रदेश मंत्री डॉ. अपूर्वा सिंह ने कहा कि राजनीतिक असहमति का स्वागत है, लेकिन व्यक्तिगत अपमान को किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और पार्टी नेतृत्व को अपने बयानों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
