राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता इलाके में सोमवार को दिनदहाड़े एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने आरोपी को मौके से पिस्टल के साथ हिरासत में ले लिया है।
विवाद की जड़: पेड़ के नीचे गाड़ी पार्किंग
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा खूनी संघर्ष घर के पास बरगद के पेड़ के नीचे गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुआ। पड़ोसी ऋषभ शुक्ला लंबे समय से इस बात का विरोध कर रहा था। सोमवार को भी इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
बात बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट हुई, जिसके बाद आरोपी ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में पिता और बेटे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि घायल तीसरे सदस्य ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों और आरोपी की पहचान
इस घटना में जान गंवाने वालों की पहचान 62 वर्षीय शिवाजी तिवारी, उनके 57 वर्षीय भाई शंभू उर्फ शिवेंद्र तिवारी और 30 वर्षीय बेटे सुयश तिवारी के रूप में हुई है। शिवाजी तिवारी रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी थे, शंभू लखनऊ यूनिवर्सिटी में कार्यरत थे, और सुयश इलेक्ट्रिक सामानों का कारोबार संभालते थे।
वहीं, आरोपी की पहचान 30 वर्षीय ऋषभ शुक्ला के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, ऋषभ मर्चेंट नेवी में नेवीगेशन अफसर रह चुका है, हालांकि शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।
पुलिस कमिश्नर ने घटनास्थल का लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही जिला मुख्यालय से 8.4 किलोमीटर दूर नौबस्ता इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा खुद मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ऋषभ शुक्ला को वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल के साथ दबोच लिया गया है। पुलिस फिलहाल परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
