मंदसौर। दलोदा स्थित विनय दीप हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लखन उटवाल की मौत के मामले में गरमाए माहौल के बीच वाल्मीकि सेना ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
यह प्रदर्शन दलोदा के एक निजी अस्पताल में हुई मौत को लेकर किया गया, जिसके बाद पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए विभिन्न संगठनों ने मोर्चा संभाल लिया है। वाल्मीकि सेना के सदस्यों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मेडिकल बोर्ड से मामले की जांच कराई जाए ताकि मौत के असल कारणों का खुलासा हो सके।
मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग
प्रदर्शन के दौरान पीड़ित परिवार के पुनर्वास का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वाल्मीकि सेना ने प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखीं — जिसमें परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाना और भरण-पोषण के लिए परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिया जाना शामिल है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते न्यायसंगत कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर सवाल
मृतक के परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि अस्पताल की लचर व्यवस्था और समय पर सही इलाज न मिलने के कारण यह स्थिति बनी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य संस्थानों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल, प्रशासन ने पूरे मामले को संज्ञान में लिया है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
