गर्भवती महिलाओं को 3 किस्तों में मिलेगा पैसा, सरकार देगी 6500 से 10 हजार रुपए तक की आर्थिक मदद

राजस्थान सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के जरिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) चला रही है। इस योजना के तहत पात्र गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को पहले बच्चे के जन्म पर कुल 6,500 रुपए तक की सहायता मिलती है, जबकि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली पात्र गर्भवती महिलाओं को कुल 10 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में DBT के जरिए भेजी जाती है।

1. पहली संतान पर मिलेंगे 6,500 रुपए

PMMVY के तहत पहली संतान के जन्म पर पात्र सामान्य श्रेणी की गर्भवती महिलाओं को कुल 6,500 रुपए की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। यह राशि एक साथ नहीं बल्कि निर्धारित पात्रता और स्वास्थ्य संबंधी शर्तें पूरी करने पर अलग-अलग चरणों में दी जाती है।

2. दिव्यांग महिलाओं को 10 हजार रुपए

योजना में 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली पात्र गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक आर्थिक सहायता का प्रावधान है। ऐसी महिलाओं को कुल 10 हजार रुपए दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान अतिरिक्त आर्थिक जरूरतों में मदद करना है।

3. तीन किस्तों में मिलती है सहायता

योजना की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण और स्वास्थ्य कार्ड (PCTS/LMP) बनवाना जरूरी है। दूसरी किस्त के लिए कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच और जरूरी स्वास्थ्य परामर्श पूरा करना होता है। तीसरी किस्त बच्चे के जन्म का पंजीकरण और प्रथम चक्र का अनिवार्य टीकाकरण पूरा होने के बाद दी जाती है।

4. पैसा सीधे खाते में पहुंचता है

PMMVY के तहत मिलने वाली सहायता डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में भेजी जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता सीधे प्राप्त होती है।

5. योजना का क्या है उद्देश्य?

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में मदद करना है। साथ ही महिलाओं को समय पर गर्भावस्था पंजीकरण, प्रसव पूर्व जांच और बच्चे के जरूरी टीकाकरण के लिए प्रोत्साहित करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

राजस्थान में कैसे मिलेगा लाभ?

राजस्थान में योजना का लाभ महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र महिलाओं तक पहुंचाया जा रहा है। लाभ लेने के लिए गर्भावस्था का समय पर पंजीकरण, जरूरी स्वास्थ्य जांच, प्रसव का पंजीकरण और बच्चे का अनिवार्य टीकाकरण जैसी निर्धारित शर्तें पूरी करनी होती हैं। पात्रता पूरी होने पर सहायता राशि निर्धारित चरणों में सीधे खाते में भेजी जाती है।