राजस्थान में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बुधवार से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी और 18 जिलों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी कर दिया गया है। मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर रहा, जिसके कारण लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में भी आंशिक गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश अलवर जिले में रिकॉर्ड की गई, जबकि कोटपूतली-बहरोड़ में भी अच्छी बारिश हुई। हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में मंगलवार सुबह तक 37 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने और मानसूनी तंत्र के सक्रिय होने के कारण पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर तेज होगा। जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़ समेत कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार के लिहाज से फायदेमंद मानी जा रही है। वहीं शहरी क्षेत्रों में तेज बारिश के दौरान जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 9 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, लेकिन मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना है....