Thursday, 1 October 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP: 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान, 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा

संक्षेप में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सिटिजन्स फॉर जस्टिस पार्टी (CJP) ने 2 अक्टूबर से मुंबई से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। संगठन ने मतदाता सूची में बदलाव और SIR से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग की है।

मुख्य बातें

  • CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटने का अल्टीमेटम दिया है।
  • आंदोलन की शुरुआत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन मुंबई से होगी।
  • संगठन ने
देश विदेश
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP: 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन का ऐलान, 48 घंटे का अल्टीमेटम पूरा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सिटिजन्स फॉर जस्टिस पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने शुक्रवार को घोषणा की कि यदि CEC अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उनका संगठन राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा।

इस आंदोलन की शुरुआत आगामी 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन मुंबई से की जाएगी। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से देश के अन्य राज्यों और महानगरों तक बढ़ाया जाएगा। CJP इससे पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने का अल्टीमेटम दे चुकी है।

SIR और फैसलों पर आपत्तियों का हवाला

CJP का यह आक्रामक रुख चुनाव आयोग के भीतर कथित आंतरिक असहमति से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आने के बाद आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से संगठन का दावा है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान आयोग के कुछ फैसलों और कार्यप्रणाली पर कम से कम 14 बार अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

इन आपत्तियों का संबंध मुख्य रूप से मतदाता सूची (वोटर लिस्ट) में नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 के नियमों तथा वोटर डेटा के प्रबंधन से जुड़ा बताया गया है। इन मामलों को आधार बनाते हुए CJP ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और 'Election Commission Thik Karo' अभियान के तहत देशव्यापी विरोध का बिगुल फूंका है।

क्या हैं संगठन की मुख्य मांगें?

इस्तीफे की मांग के अलावा CJP ने चुनाव आयोग के सामने कई सूत्रीय मांगें रखी हैं। संगठन ने SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

इसके साथ ही, वोटर लिस्ट में हालिया संशोधनों से जुड़े सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। संगठन ने साल 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े नए कानून में भी संशोधन की वकालत की है। सीजेपी के मुताबिक, आयोग के फैसलों में अधिक खुलापन लाने के लिए कानूनी ढांचे में बदलाव जरूरी है। हालांकि, इन तमाम आंकड़ों और अनियमितता के दावों को फिलहाल CJP के एकपक्षीय आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है, और इस पर चुनाव आयोग की तरफ से विस्तृत प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग क्यों की है?

CJP ने चुनाव आयोग के कामकाज, SIR प्रक्रियाओं और मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मामलों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।

देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत कब और कहाँ से होगी?

CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके के मुताबिक, इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर मुंबई से की जाएगी।

चुनाव आयोग के भीतर किन मामलों पर आपत्तियों की बात कही गई है?

रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में फॉर्म-6, वोटर डेटा और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने से जुड़े फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई थी।

CJP द्वारा चुनाव आयोग के खिलाफ कौन सा अभियान चलाया जा रहा है?

CJP ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर 'Election Commission Thik Karo' नाम से अभियान चलाने का ऐलान किया है।