Thursday, 22 October 2026
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मुंबई में फायरिंग से लेकर 1998 के शिकार विवाद तक: सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच तनातनी का पूरा इतिहास

संक्षेप में

सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच का विवाद 1998 के जोधपुर काले हिरण शिकार मामले से शुरू हुआ था, जो समय के साथ धमकियों और गैंगवार तक पहुंच चुका है। हाल ही में मुंबई में हुई गोलीबारी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है, जहां बिश्नोई समाज कानूनी न्याय की मांग कर रहा है जबकि गैंगस्टर इस मामले का इस्तेमाल अपनी दहशत फैलाने के लिए कर रहे हैं।

मुख्य बातें

  • 1998 में जोधपुर में फिल्म शूटिंग के दौरान काले हिरण और चिंकारा के शिकार का मामला दर्ज हुआ था।
  • मुंबई में 18 अक्टूबर 2026 को टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर गोलीबारी की घटना हुई।
  • गैंगस्टर अनिल पंडित ने एक ऑडियो जारी कर घटना की जिम्मेदारी लेने और सलमान खान से माफी की बात कही।
  • 2018 में निचली अदालत ने कांकाणी मामले में सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है।
  • बिश्नोई समाज के नेताओं का कहना है कि वे हिंसा का समर्थन नहीं करते बल्कि कानूनी न्याय चाहते हैं।
क्राइम
मुंबई में फायरिंग से लेकर 1998 के शिकार विवाद तक: सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बीच तनातनी का पूरा इतिहास

मुंबई के बांद्रा इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर 18 अक्टूबर 2026 को हुई गोलीबारी की घटना के बाद एक बार फिर बॉलीवुड और अपराध जगत के रिश्तों में हलचल मच गई है। इस वारदात के बाद सामने आए एक ऑडियो क्लिप में गैंगस्टर अनिल पंडित ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए अभिनेता सलमान खान से माफी की मांग की है। हालांकि, इस ऑडियो की सत्यता और घटना से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इस घटना ने तीन दशक पुराने उस विवाद को फिर केंद्र में ला दिया है, जिसकी शुरुआत 1998 में जोधपुर के एक वन्यजीव शिकार मामले से हुई थी।

28 साल पुराना शिकार मामला और कानूनी लड़ाई

इस पूरे विवाद की जड़ें साल 1998 में राजस्थान के जोधपुर में हैं। फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान सलमान खान पर काले हिरण और चिंकारा के शिकार के आरोप लगे थे। भावड़ और घोड़ा फार्म से जुड़े चिंकारा मामलों में राजस्थान हाई कोर्ट अभिनेता को बरी कर चुका है, जबकि कांकाणी गांव में दो काले हिरणों के शिकार से जुड़े मामले में 2018 की निचली अदालत ने उन्हें पांच साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया अभी भी जारी है।

बिश्नोई समाज की आस्था और गैंगस्टर का एंगल

गुरु जांभेश्वर द्वारा स्थापित बिश्नोई समुदाय वन्यजीव संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपनी गहरी आस्था के लिए जाना जाता है। समुदाय के 29 नियमों में जीवों की रक्षा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, जिस वजह से काले हिरण के शिकार की घटना ने समाज को गहराई से आहत किया। स्थानीय लोगों ने इस मामले में लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है।

लेकिन समय के साथ यह कानूनी लड़ाई आपराधिक रंग ले चुकी है। साल 2018 में जोधपुर अदालत के बाहर लॉरेंस बिश्नोई द्वारा सलमान खान को दी गई जान से मारने की धमकी के बाद यह मामला पूरी तरह बदल गया। राजस्थान एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के प्रमुख एम.एन. दिनेश के मुताबिक, इस तरह के बड़े मामलों में सेलिब्रिटीज के नाम का इस्तेमाल अपराधी अपने गैंग का दायरा और दहशत बढ़ाने के लिए करते हैं। सनसनीखेज वारदातों और धमकियों के जरिए वसूली के लिए दबाव बनाना इस रणनीति का हिस्सा रहा है।

समाज का रुख: कानूनी न्याय चाहते हैं, हिंसा नहीं

बिश्नोई समुदाय के जिम्मेदार संगठन इस तरह की हिंसक और असंवैधानिक गतिविधियों से स्पष्ट दूरी बनाते नजर आए हैं। बिश्नोई टाइगर फोर्स के महासचिव राम निवास बिश्नोई का कहना है कि समाज अभिनेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के पक्ष में है, किसी भी तरह की हिंसा या मौत के समर्थन में नहीं।

वहीं, जोधपुर जिला बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष नारायण राम बिश्नोई ने भी आपराधिक गतिविधियों से किनारा किया है। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के प्रतिनिधि देवेंद्र बुधिया के अनुसार, यदि इस विवाद का कोई सामाजिक समाधान निकलना हो, तो अभिनेता को बीकानेर स्थित मुकाम मुक्ति धाम जाकर माफी मांगनी चाहिए। यह स्थल गुरु जांभेश्वर से जुड़ा है और बिश्नोई समाज की आस्था का मुख्य केंद्र है।

वर्तमान स्थिति और सवाल

एक तरफ बिश्नोई समाज अदालत के जरिए न्याय की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी तरफ लॉरेंस बिश्नोई जैसा गिरोह इस भावनात्मक मुद्दे की आड़ में अपनी आपराधिक जड़े मजबूत कर रहा है। 1998 का यह मामला अब न्याय, लोक-आस्था और संगठित अपराध के बीच उलझकर एक जटिल कानूनी और सुरक्षा चुनौती बन चुका है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई विवाद की शुरुआत कब हुई थी?

इस विवाद की शुरुआत साल 1998 में हुई थी, जब राजस्थान के जोधपुर में फिल्म शूटिंग के दौरान काले हिरण और चिंकारा के शिकार का मामला सामने आया था।

हाल ही में मुंबई में हुई फायरिंग से किसका नाम जुड़ा है?

मुंबई में 18 अक्टूबर 2026 को अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर हुई गोलीबारी के बाद गैंगस्टर अनिल पंडित का नाम सामने आया, जिसने ऑडियो के जरिए घटना की जिम्मेदारी ली।

बिश्नोई समाज इस मामले में क्या चाहता है?

बिश्नोई समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे हिंसा के समर्थन में नहीं हैं, बल्कि अभिनेता के खिलाफ कानूनी न्याय चाहते हैं और कुछ लोगों का सुझाव है कि उन्हें बीकानेर के मुकाम मुक्ति धाम जाकर माफी मांगनी चाहिए।

चिंकारा शिकार मामले में अदालत का क्या फैसला रहा है?

राजस्थान हाई कोर्ट ने भावड़ और घोड़ा फार्म मामले में सलमान खान को बरी कर दिया था, जबकि कांकाणी के काले हिरण शिकार मामले में 2018 की निचली अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी है।