Monday, 26 October 2026
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नर्मदा में मिलीं वोटर आईडी: नदी में पहचान पत्र मिलने पर मंडलेश्वर थाने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, जांच की मांग

संक्षेप में

मंडलेश्वर में नर्मदा नदी की सफाई के दौरान कई वोटर आईडी कार्ड मिलने के बाद कांग्रेस ने थाने पर प्रदर्शन किया। मामले में वोट चोरी की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मुख्य बातें

  • मंडलेश्वर में नर्मदा नदी की सफाई के दौरान कई वोटर आईडी कार्ड मिले।
  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन कर निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
  • कुछ कार्डों पर इंदौर के पते दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
  • एसडीओपी श्वेता शुक्ला के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मध्य प्रदेश
नर्मदा में मिलीं वोटर आईडी: नदी में पहचान पत्र मिलने पर मंडलेश्वर थाने पर कांग्रेस का प्रदर्शन, जांच की मांग

मंडलेश्वर में नर्मदा नदी की सफाई के दौरान दर्जनों वोटर आईडी कार्ड मिलने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। मतदाता पहचान पत्र इस तरह पानी में मिलने से निर्वाचन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडलेश्वर थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग उठाई।

यह मामला तब सामने आया जब नर्मदा सफाई अभियान में जुटी एक स्थानीय संस्था के सदस्यों को नदी के भीतर से कई वोटर आईडी कार्ड मिले। इन पहचान पत्रों पर अलग-अलग नागरिकों के नाम और पते दर्ज हैं। इनमें से कुछ कार्डों पर इंदौर का पता होने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद शुरुआती चर्चाओं में इस मामले के तार इंदौर के आस्था पैलेस से भी जोड़े जा रहे हैं। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने अभी तक आस्था पैलेस से किसी भी तरह के सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

थाने के बाहर प्रदर्शन और ज्ञापन

वोटर आईडी मिलने की खबर फैलते ही स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि इस बात की गहराई से पड़ताल की जाए कि ये कार्ड किसके हैं और इन्हें पानी में किसने फेंका।

प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि चुनाव से जुड़े अहम दस्तावेज इस तरह नदी में मिलना किसी बड़ी गड़बड़ी या पहचान पत्रों के दुरुपयोग की आशंका को जन्म देता है। कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई है कि इसके पीछे 'वोट चोरी' जैसा कोई बड़ा खेल हो सकता है, जिसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

पुलिस और प्रशासन की जांच शुरू

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के दायरे को बढ़ा दिया है। एसडीओपी श्वेता शुक्ला ने इस संबंध में बताया कि पुलिस को मामले की जानकारी मिल चुकी है और गोताखोरों व सफाई टीम की मदद से मिले सभी कार्डों को कब्जे में लेकर तस्दीक की जा रही है।

प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कार्डों पर दर्ज पते असली हैं या फर्जी और क्या इनका संबंध किसी चुनावी गड़बड़ी से है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी कि इन दस्तावेजों को नदी में फेंकने के पीछे किसकी साजिश या लापरवाही थी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मंडलेश्वर में नर्मदा नदी से क्या मिला है?

मंडलेश्वर में नर्मदा सफाई अभियान के दौरान नदी से कई लोगों के वोटर आईडी (मतदाता पहचान पत्र) मिले हैं।

इस मामले पर कांग्रेस ने क्या कदम उठाया है?

वोटर आईडी मिलने से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडलेश्वर थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

क्या इंदौर से कोई कनेक्शन सामने आया है?

कुछ कार्डों पर इंदौर के पते दर्ज मिले हैं और शुरुआती चर्चाओं में इस मामले को इंदौर के आस्था पैलेस से जोड़ा जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई कर रही है?

एसडीओपी श्वेता शुक्ला के मुताबिक, पुलिस और प्रशासन ने सभी कार्डों को कब्जे में लेकर यह जांच शुरू कर दी है कि ये पहचान पत्र नदी तक कैसे पहुंचे और इन्हें किसने फेंका।