निवाड़ी जिले के ओरछा तिगैला हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान आरटीओ टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद का मामला सामने आया है। चेकिंग कार्रवाई का मोबाइल से वीडियो बना रहे एक नाबालिग के साथ आरटीओ कर्मियों द्वारा अभद्रता करने और उसे जबरन गाड़ी में बैठाने का प्रयास करने के आरोप लगे हैं। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह पूरी घटना ओरछा तिगैला हाईवे की है। एक स्थानीय युवक अपने पिता के साथ वाहन से गुजर रहा था, तभी आरटीओ दस्ते ने उन्हें चेकिंग के लिए रोका। जांच प्रक्रिया के दौरान जब युवकों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू किया, तो मौके पर मौजूद कर्मचारियों और उनके बीच तीखी बहस हो गई। वायरल फुटेज में दोनों पक्षों के बीच तनाव और खींचतान साफ नजर आ रही है।
नाबालिग को जबरन गाड़ी में बैठाने का आरोप
सामने आए आरोपों के मुताबिक, आरटीओ टीम ने वीडियो बनाने पर आपत्ति जताई और मौके पर मौजूद एक नाबालिग के साथ गाली-गलौज की। आरोप है कि कर्मचारियों ने उसे जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा और गहमागहमी बनी रही।
घटना के संबंध में जब मौके पर मौजूद महिला आरटीओ कर्मी से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। वहीं, जिला परिवहन अधिकारी (DTO) राजेंद्र सोनी से भी फोन और अन्य माध्यमों से संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि परिवहन विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और उच्च अधिकारियों की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
