सीकर। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और करियर का अवसर देने के उद्देश्य से PULSE ओलंपियाड का आयोजन पाथ करियर इंस्टीट्यूट की ओर से किया जाएगा। ओलंपियाड में कक्षा 5वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे।ओलंपियाड के लिए रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से पाथ की वेबसाइट पर किया जाएगा। प्रतियोगिता के दो चरण होंगे। पहला चरण 1, 5 और 15 नवंबर को ऑनलाइन आयोजित होगा, जबकि दूसरे चरण में चयनित विद्यार्थियों के लिए 29 नवंबर को सीकर स्थित पाथ करियर इंस्टीट्यूट में ऑफलाइन टेस्ट होगा।


जिस कक्षा में पढ़ रहे हैं, उसी का होगा सिलेबस 

संस्थान के अनुसार ओलंपियाड में विद्यार्थी जिस कक्षा में वर्तमान में पढ़ रहा है, उसी कक्षा के सिलेबस से प्रश्न पूछे जाएंगे। टेस्ट में फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और रीजनिंग से संबंधित प्रश्न शामिल होंगे। पहले चरण का रिजल्ट ऑनलाइन जारी किया जाएगा और ओलंपियाड के करीब 5 दिन बाद परिणाम जारी करने की जानकारी दी गई है।

प्रतिभाओं को 100% तक स्कॉलरशिप 

पाथ संस्थान के सत्यव्रत यादव ने बताया कि ओलंपियाड का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान बच्चों की पहचान करना है, जो किसी कारणवश सीकर तक पहुंचकर कोचिंग नहीं ले पा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा के आधार पर 100% तक स्कॉलरशिप देकर आगे बढ़ने का अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ओलंपियाड में स्कॉलरशिप के साथ कैश प्राइज, लैपटॉप, स्पेशल सर्टिफिकेट और USA एजुकेशनल टूर जैसे अवसर भी शामिल किए गए हैं। स्पेशल सर्टिफिकेट विद्यार्थी के टेस्ट एनालिसिस के आधार पर तैयार किया जाएगा।


'गरीब बच्चों के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करना ड्रीम' 

पाथ के डी.के. सर ने बताया कि Path PULSE ओलंपियाड आर्थिक रूप से पिछड़े और जरूरतमंद प्रतिभावान बच्चों के लिए एक ऐसा मंच है, जिसके माध्यम से उनके डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने की दिशा में मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि ओलंपियाड का उद्देश्य केवल परीक्षा आयोजित करना नहीं, बल्कि टैलेंटेड बच्चों की पहचान कर उन्हें सही दिशा और अवसर देना है। पाथ का ड्रीम है कि आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभाशाली बच्चे के डॉक्टर बनने के सपने में बाधा न बने।


देशभर में बच्चे के लेवल का पता चलेगा 

संस्थान की ओर से बताया गया कि Path PULSE ओलंपियाड विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर भी देगा कि उनका स्कोर और शैक्षणिक स्तर देशभर के विद्यार्थियों की तुलना में कहां खड़ा है। टेस्ट के एनालिसिस के आधार पर विद्यार्थियों को उनकी क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद मिलेगी।