Sunday, 25 October 2026
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फारूक अब्दुल्ला के बयान पर गरमाई सियासत: रविंदर रैना बोले- पाकिस्तान 35 साल से घाटी में फैला रहा आतंकवाद, देशद्रोह जैसा कृत्य

संक्षेप में

नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के 24 अक्टूबर को बारामूला में दिए गए उस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान के कश्मीरी मुद्दा उठाने से घाटी के लोग सुरक्षित हैं। इस पर बीजेपी नेता रविंदर रैना ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे देशद्रोह बताया और कहा कि पाकिस्तान पिछले 35 साल से यहाँ आतंकवाद फैला रहा है।

मुख्य बातें

  • फारूक अब्दुल्ला ने 24 अक्टूबर को बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सम्मेलन में बयान दिया था।
  • रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को देशद्रोह जैसा कृत्य बताया है।
  • रैना के मुताबिक पाकिस्तान पिछले 35 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
राज्य समाचार
फारूक अब्दुल्ला के बयान पर गरमाई सियासत: रविंदर रैना बोले- पाकिस्तान 35 साल से घाटी में फैला रहा आतंकवाद, देशद्रोह जैसा कृत्य

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रविंदर रैना ने उनके बयान को निंदनीय करार देते हुए इसे देशद्रोह जैसा कृत्य बताया है। रैना का कहना है कि जिस देश ने पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक घाटी में खून-खराबा कराया है, उसे लेकर इस तरह की टिप्पणी करना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।

यह विवाद 24 अक्टूबर को बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान दिए गए फारूक अब्दुल्ला के एक संबोधन के बाद शुरू हुआ। सम्मेलन में नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष ने कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों का मुद्दा उठाता है, जिसकी वजह से यहां के लोग सुरक्षित महसूस करते हैं, वरना भारत सरकार की नीयत घाटी के प्रति ठीक नहीं है। इस बयान के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

'पाकिस्तान कभी घाटी के लोगों का शुभचिंतक नहीं हो सकता'

बीजेपी नेता रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के तर्कों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान पिछले 35 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में लगातार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी देश ने घाटी के युवाओं को आतंकवाद का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ हथियार, बम, पिस्तौल, गोला-बारूद और ग्रेनेड मुहैया कराए हैं।

रैना ने तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि जो देश पिछले साढ़े तीन दशकों से जम्मू-कश्मीर को कब्रिस्तान और श्मशान में तब्दील करने की साजिशें रच रहा हो और स्थानीय नागरिकों की मौतों के लिए प्रत्यक्ष तौर पर जिम्मेदार हो, वह भला यहां के लोगों का हितैषी कैसे हो सकता है। संवेदनशील मामलों पर टिप्पणी करते हुए नेताओं को क्षेत्र के आतंकवाद के इतिहास और पीड़ित परिवारों के दर्द को ध्यान में रखना चाहिए।

राजनीतिक बयानबाजी और पृष्ठभूमि

फारूक अब्दुल्ला के इस बयान और उस पर आए बीजेपी के पलटवार के बाद से जम्मू-कश्मीर की सियासत गरमा गई है। हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से इस पूरे मामले पर आगे क्या सफाई आती है, यह देखना अहम होगा, लेकिन इस वैचारिक टकराव ने एक बार फिर घाटी में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान को लेकर क्या बयान दिया था?

फारूक अब्दुल्ला ने 24 अक्टूबर को बारामूला में एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कहा था कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीरियों का मुद्दा उठाता है, इसलिए यहाँ के लोग सुरक्षित हैं, वरना भारत की नीयत उनके प्रति ठीक नहीं है।

रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?

बीजेपी नेता रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और देशद्रोह जैसा कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पिछले 35 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और यहाँ के लोगों का हितैषी नहीं हो सकता।

यह राजनीतिक विवाद कब और कहाँ शुरू हुआ?

यह विवाद 24 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के बारामूला में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ता सम्मेलन में दिए गए फारूक अब्दुल्ला के संबोधन के बाद शुरू हुआ।