बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर परिक्षेत्र में नीलगाय के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह और नागेश्वर सिंह के रूप में हुई है, जिन्हें उमरिया न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
बसकुटा बीट में मिला था मृत वन्यजीव
यह घटना धमोखर परिक्षेत्र की बसकुटा बीट के अंतर्गत आने वाले झिरिया हार के राजस्व क्षेत्र की है। नियमित गश्त के दौरान वन अमले को एक पेड़ के नीचे घास से ढकी हुई संदिग्ध वस्तु नजर आई। पास जाकर जब घास हटाई गई, तो वहां एक नीलगाय मृत अवस्था में पड़ी मिली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर डॉग स्क्वाड को बुलाया गया और फॉरेंसिक एंगल से छानबीन की गई। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी ने घटनास्थल पर ही मृत नीलगाय का शव परीक्षण (पोस्टमॉर्टम) किया। प्राथमिक जांच में मौत की परिस्थितियां संदिग्ध पाए जाने के बाद पार्क प्रबंधन ने आरोपियों की पहचान और धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था।
वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
विशेष टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और सतत पूछताछ के आधार पर पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को दबोचा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नरेंद्र सिंह (पुत्र जगमोहन सिंह, निवासी घुन्सू) और नागेश्वर सिंह (पुत्र मुकुट सिंह, निवासी सेहरा टोला, थाना कोतवाली उमरिया) के रूप में हुई है।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 50 और 51 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों को उमरिया के माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
