Monday, 2 November 2026
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पंजाब की सियासत में भूचाल: 'आप' के बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा

संक्षेप में

पंजाब के अमृतसर नॉर्थ से निलंबित 'आप' विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को भेज दिया है, जो 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगा।

मुख्य बातें

  • कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया।
  • उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेजा है।
  • इस्तीफा 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी होगा।
  • इससे पहले रविवार को चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने इस्तीफा दिया था।
राज्य समाचार
पंजाब की सियासत में भूचाल: 'आप' के बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा सदस्यता से दिया इस्तीफा

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को सौंप दिया है।

सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए उन्होंने अपने फैसले की सार्वजनिक घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका इस्तीफा 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी माना जाएगा। कुंवर विजय प्रताप को पिछले साल जून में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पांच साल के लिए निलंबित किया गया था।

दो और विधायकों के इस्तीफे के बाद बड़ा कदम

कुंवर विजय प्रताप का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब सियासी गलियारों में पहले से ही उथल-पुथल मची हुई है। इससे ठीक एक दिन पहले, रविवार को 'आप' के दो अन्य विधायकों चेतन सिंह जौड़ामाजरा (समाना सीट) और हरमीत सिंह पठानमाजरा (सनौर सीट) ने भी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। एक के बाद एक तीन विधायकों के पार्टी से किनारा करने से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, पुलिस सेवा से वीआरएस लेकर 2021 में राजनीति में उतरे कुंवर विजय प्रताप के इस कदम से आगामी सियासी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर नॉर्थ सीट से जीत दर्ज की थी।

सरकार से तल्खियां और पुराने मुद्दे

भगवंत मान सरकार के साथ कुंवर विजय प्रताप के मतभेद लंबे समय से जगजाहिर रहे हैं। वह कई मौकों पर सरकार के कामकाज की खुलकर आलोचना कर चुके हैं। 2015 के बहुचर्चित बेअदबी और कोटकपूरा-बहिबल कलां पुलिस फायरिंग मामलों में न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर उन्होंने कई बार विधानसभा के भीतर और बाहर अपनी ही सरकार को घेरा था।

खास बात यह है कि कुंवर विजय प्रताप खुद इन मामलों की जांच करने वाली विशेष जांच टीम (SIT) का हिस्सा रह चुके हैं। इसके अलावा, अमृतसर में जहरीली शराब कांड के दौरान 20 से अधिक लोगों की मौत के बाद भी उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए थे। पार्टी लाइन से हटकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की गिरफ्तारी और विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठाने के बाद उन्हें पिछले साल निलंबित कर दिया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने किस पद से इस्तीफा दिया है?

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पंजाब विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। वह अमृतसर नॉर्थ सीट से 'आप' के विधायक थे।

उन्होंने अपना इस्तीफा किसे भेजा है?

उन्होंने अपना इस्तीफा पंजाब विधानसभा के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां को भेजा है, जिसे 1 नवंबर, 2026 से प्रभावी करने की बात कही गई है।

कुंवर विजय प्रताप सिंह को पार्टी से क्यों निलंबित किया गया था?

उन्हें पिछले साल जून में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पाँच साल के लिए निलंबित किया गया था, क्योंकि उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ विजिलेंस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।

पंजाब में हाल ही में कितने विधायकों ने इस्तीफे दिए हैं?

रविवार को चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने 'आप' की प्राथमिक सदस्यता छोड़ी थी, और सोमवार को कुंवर विजय प्रताप ने विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया।