राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम ने जनसहभागिता और डिजिटल कनेक्टिविटी का नया रिकॉर्ड कायम किया है। राज्य सरकार के अनुसार 5 जुलाई को आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में बिना पचपदरा पहुंचे ही 53 लाख से अधिक लोग प्रदेश के अलग-अलग जिलों, शहरों और गांवों से वर्चुअल माध्यम के जरिए सीधे जुड़े। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण प्रदेश की 12 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों, सभी पंचायत समितियों, जिला मुख्यालयों, नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में बड़ी स्क्रीन के माध्यम से कराया गया, जिससे यह राजस्थान का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जनसहभागिता कार्यक्रम बन गया है.... इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश को करीब ₹1.05 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी, जिनमें पचपदरा रिफाइनरी सहित सड़क, रेलवे, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के औद्योगिक विकास, निवेश, ऊर्जा उत्पादन और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलने की उम्मीद है...
राज्य सरकार के मुताबिक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सचिवालय से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक विशेष तैयारियां की गई थीं, ताकि प्रदेश का अंतिम छोर पर बैठा व्यक्ति भी प्रधानमंत्री का संबोधन लाइव आराम से देख सके। कार्यक्रम से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों, युवाओं और आम नागरिकों ने बड़ी संख्या में डिजिटल माध्यम से जुड़कर हिस्सा लिया। हालांकि बूंदी जिले की बाछोला ग्राम पंचायत में लाइव प्रसारण की व्यवस्था नहीं होने पर दो सरकारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। सरकार के मुताबिक पचपदरा रिफाइनरी के पूर्ण संचालन से पश्चिमी राजस्थान के साथ पूरे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा राजस्थान आत्मनिर्भर और तेज आर्थिक विकास की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाएगा।
