प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को इंडोनेशिया के महत्वपूर्ण दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस दौरान वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो से मुलाकात करके द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान करने पर चर्चा करेंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मध्य जावा स्थित इंडोनेशिया के सबसे बड़े हिंदू मंदिर परिसर प्रम्बानन के भी दर्शन करेंगे, जिसे भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। करीब 240 मंदिरों वाले इस परिसर में भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित भव्य मंदिर हैं, जिनमें भगवान शिव का 47 मीटर ऊंचा मंदिर सबसे प्रमुख है। आपको बता दे दुनिया में सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में स्थित यह मंदिर दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की गहरी पहचान माना जाता है।
इस दौरे का सबसे अहम एजेंडा भारत और इंडोनेशिया के बीच करीब ₹2,500 करोड़ की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील है, जिस पर दोनों देशों के बीच सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। यदि इस समझौते पर मुहर लगती है तो फिलीपींस के बाद इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी देश बन जाएगा। यह सौदा भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती देगा, वहीं इंडोनेशिया की समुद्री और तटीय सुरक्षा क्षमता भी पहले से अधिक मजबूत होगी। ब्रह्मोस मिसाइल का विकास भारत के डीआरडीओ और रूस की एनपीओ मशिनोस्ट्रोयेनिया के संयुक्त उपक्रम ब्रह्मोस एयरोस्पेस ने किया है और इसे दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में माना जाता है।
राष्ट्रपति सुबियांतो के साथ होने वाली बैठक के अंदर रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, कनेक्टिविटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी जैसे कई अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.. दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और इंडोनेशिया के संबंध रक्षा, व्यापार, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में लगातार मजबूत हुए हैं और यह यात्रा इन्हें नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।
वही प्रधानमंत्री मोदी का यह इंडोनेशिया का तीसरा दौरा है। इससे पहले वर्ष 2018 में उनकी यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को 'कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा दिया था और रक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था तथा कनेक्टिविटी सहित 15 से अधिक समझौतों पर सहमति बनी थी। इसके बाद सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में आयोजित आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और ईस्ट एशिया समिट में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे थे। ऐसे में मौजूदा दौरे को भारत-इंडोनेशिया संबंधों के साथ-साथ भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और इंडो-पैसिफिक रणनीति के लिए भी बेहद काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
