कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की पटना में दी गई एक टिप्पणी को लेकर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत पिता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल के मामले में रविवार रात पटना के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। बीजेपी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कृष्णा कुमार सिंह ने पुलिस को आवेदन देकर मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
यह विवाद पटना में आयोजित एक कांग्रेस कार्यक्रम के दौरान सामने आया। मंच पर संबोधन के वक्त एक कार्यकर्ता ने आवाज उठाई थी कि मोदी जी आसानी से सत्ता नहीं छोड़ने वाले और जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, सरकार नहीं हटेगी। इसी बात के जवाब में खड़गे ने मंच से वह टिप्पणी की, जिसके बाद वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं ने उस शख्स की पिटाई कर दी थी।
कोतवाली थाने में शिकायत और वीडियो साक्ष्यों की मांग
शिकायतकर्ता कृष्णा कुमार सिंह ने थाने को दिए आवेदन में कहा है कि उन्होंने टीवी के माध्यम से प्रधानमंत्री के पिता के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी देखी, जिससे उन्हें गहरी ठेस पहुंची है। आवेदन में पुलिस से अनुरोध किया गया है कि सभा से जुड़े वीडियो, समाचार फुटेज और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जाए।
शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा और आपसी सम्मान सर्वोपरि है। यदि जांच में कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन साबित होता है, तो आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की जानी चाहिए।
अमित शाह और सम्राट चौधरी का तीखा हमला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल कर सारी हदें पार कर दी हैं। शाह ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने प्रधानमंत्री या उनके परिवार पर निशाना साधा हो, इससे पहले भी उनके परिजनों और पृष्ठभूमि को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की जाती रही हैं।
वहीं, बिहार के उप मुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति इस तरह की दुर्भावनापूर्ण भाषा का प्रयोग अपने आप में गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
सोशल मीडिया पर बीजेपी का आक्रामक रुख
भारतीय जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर घटना का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। पार्टी ने लिखा कि कभी जिस भाषा का प्रयोग समाज के आपराधिक तत्वों द्वारा किया जाता था, आज देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उसी शैली में बात कर रहे हैं।
