राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव से ठीक पहले सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। वागड़ अंचल में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक संबल मिला है। पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के नेतृत्व में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) से जुड़े 309 कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

जयपुर में सिविल लाइंस स्थित पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर मुलाकात के बाद यह सभी कार्यकर्ता दोपहर करीब 3 बजे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) कार्यालय पहुंचे। वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में इन कार्यकर्ताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने सभी को फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और पार्टी की विचारधारा के अनुरूप जनहित में काम करने का आह्वान किया।

गहलोत का BAP पर निशाना, बोले- त्रिकोणीय मुकाबले का फायदा भाजपा को

कार्यकर्ताओं के पार्टी में शामिल होने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने BAP पर सीधा सियासी हमला बोला। गहलोत ने कहा- "कई लोग गलतफहमी में पार्टी छोड़कर चले गए थे, लेकिन अब कांग्रेस की नीतियों और हमारे कार्यकाल के विकास कार्यों को याद कर वापस लौट रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि BAP की मौजूदगी से वागड़ में त्रिकोणीय मुकाबला बनता है, जिसका सीधा फायदा भाजपा को मिलता है।

गहलोत ने अपने पिछले कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में सिंचाई, शिक्षा, सड़क और एनिकट के जरिए अभूतपूर्व विकास कार्य हुए थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से आदिवासी समाज के हक और विकास के लिए पूरी मजबूती से खड़ी रही है। इस दौरान आनंदपुरी और बागीदौरा विधानसभा क्षेत्र के कई स्थानीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। स्थानीय नेताओं का मानना है कि इस सियासी फेरबदल से बागीदौरा क्षेत्र में पार्टी संगठन और अधिक मजबूत होगा।

जनवरी 2026 में हुई थी महेंद्रजीत सिंह मालवीय की घर वापसी

पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। हालांकि, भाजपा में करीब दो साल का सफर तय करने के बाद उन्होंने जनवरी 2026 में कांग्रेस में वापसी का फैसला किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सहमति के बाद उनकी घर वापसी हुई थी। मालवीय ने पार्टी में लौटने पर कहा था कि भाजपा में उनका दम घुट रहा था और जो उम्मीदें लेकर वे वहां गए थे, वे पूरी नहीं हुईं। अब पंचायत चुनाव से पहले उनके समर्थन में आए 309 कार्यकर्ताओं के कांग्रेस में आने से वागड़ की राजनीति में कांग्रेस का पलड़ा भारी होता दिख रहा है।