Thursday, 29 October 2026
अभी का दौर

राजस्थान के किसानों को राहत: 345 करोड़ रुपये के अटके फसल बीमा दावों का भुगतान शुरू, बाड़मेर-बीकानेर को सबसे ज्यादा फायदा

संक्षेप में

राजस्थान सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अटके पड़े करीब 345 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान शुरू कर दिया है। पश्चिमी राजस्थान के सूखा प्रभावित जिलों—विशेषकर बीकानेर और बाड़मेर—के किसानों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिला है।

मुख्य बातें

  • 345 करोड़ रुपये के कुल फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है।
  • पश्चिमी राजस्थान के सूखा प्रभावित किसानों को 318 करोड़ रुपये की राहत मिली है।
  • बीकानेर के किसानों को 116 करोड़ और बाड़मेर के किसानों को 53.60 करोड़ रुपये मिले हैं।
  • जालोर और डूंगरपुर के किसानों को 17.60 करोड़ रुपये का भुगतान मिला है।
आपणो राजस्थान
राजस्थान के किसानों को राहत: 345 करोड़ रुपये के अटके फसल बीमा दावों का भुगतान शुरू, बाड़मेर-बीकानेर को सबसे ज्यादा फायदा

राजस्थान के सूखा प्रभावित और प्रतिकूल मौसम की मार झेल रहे किसानों के खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लंबे समय से फंसे 345 करोड़ रुपये पहुंचने शुरू हो गए हैं। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद बीमा कंपनियों के माध्यम से यह लंबित राशि सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा रही है। इस भुगतान से पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों के अन्नदाताओं को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।

पंचायतीराज चुनाव की शुरुआती तैयारियों के दौरान किसानों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के वक्त यह मामला सामने आया था। इसके बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने अटके हुए दावों की बाधाओं को दूर करने के सख्त निर्देश दिए थे। कृषि आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने बीमा कंपनियों और केंद्रीय विभागों के साथ तालमेल बिठाकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, जिसके बाद दावों के निस्तारण का रास्ता साफ हुआ।

पश्चिमी राजस्थान के सूखा प्रभावित इलाकों पर फोकस

रबी सीजन के दौरान सूखे की चपेट में आए पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए अधिसूचित बीमा कंपनियों के जरिए करीब 318 करोड़ रुपये के दावे पास कराए गए हैं। जिलावार आंकड़ों के मुताबिक, इस राहत राशि में बाड़मेर और बीकानेर के किसानों को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है।

बीकानेर के किसानों के खाते में सबसे ज्यादा 116 करोड़ रुपये पहुंचे हैं, जबकि बाड़मेर को 53.60 करोड़ रुपये की राशि मिली है। इसके अलावा जोधपुर के किसानों को 48 करोड़, जालोर को 43.58 करोड़, पाली को 31 करोड़ और चूरू के किसानों को 25.85 करोड़ रुपये का फसल बीमा भुगतान जारी किया गया है। सिरोही और जयपुर के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला है।

आपत्तियों को खारिज कर चुकाए गए अटके दावे

कई किसानों के क्लेम बीमा कंपनियों की तकनीकी और कागजी आपत्तियों के कारण महीनों से अटके हुए थे। राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक में इन आपत्तियों को खारिज कर दिया गया और कंपनियों को तुरंत भुगतान के निर्देश जारी किए गए।

इस प्रक्रिया के तहत जालोर जिले में खरीफ सीजन के 10.64 करोड़ रुपये और डूंगरपुर में 6.96 करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में पहुंचे। इन दोनों जिलों के किसानों को कुल 17.60 करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि अकेले जयपुर जिले के किसानों को 9.50 करोड़ रुपये की राहत राशि दी गई है।

क्या बोले कृषि मंत्री?

प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम से फसलों को हुए नुकसान पर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने स्थिति स्पष्ट की है।

कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने कहा- "प्राकृतिक आपदाओं, सूखे और प्रतिकूल मौसम से फसलों को नुकसान होने पर किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। फसल बीमा राशि का भुगतान किसानों को नुकसान की भरपाई करने और अगली कृषि गतिविधियों के लिए आर्थिक सहारा देने में मददगार होगा।"

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में कितने करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजस्थान के किसानों के लंबे समय से अटके करीब 345 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान किया गया है।

सबसे ज्यादा फसल बीमा राशि किस जिले के किसानों को मिली है?

बीकानेर जिले के किसानों को सबसे ज्यादा 116 करोड़ रुपये और बाड़मेर के किसानों को 53.60 करोड़ रुपये की बीमा राशि मिली है।

किसानों के फसल बीमा दावे क्यों अटके हुए थे?

कई किसानों के दावे बीमा कंपनियों की विभिन्न आपत्तियों के कारण अटके हुए थे, जिन्हें राज्य स्तरीय शिकायत निराकरण समिति की बैठक में खारिज कर भुगतान कराया गया।

इस योजना के तहत पश्चिमी राजस्थान के सूखा प्रभावित किसानों को कितनी राहत मिली है?

रबी सीजन के दौरान सूखे से प्रभावित पश्चिमी राजस्थान के किसानों को लगभग 318 करोड़ रुपये के फसल बीमा दावों का भुगतान कराया गया है।