जयपुर: राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने भर्ती कैलेंडर 2026 के तहत विभिन्न विभागों में खाली पड़े 1.02 लाख से अधिक पदों को भरने की कवायद तेज कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शनिवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भर्ती प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को लंबित कार्यों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।
बैठक में सामने आया कि राज्य के कई विभागों में बड़ी संख्या में भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं या जल्द शुरू होने वाली हैं। सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराना और विभागों में लंबे समय से रिक्त पदों को भरकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है।
इन विभागों में निकली सबसे ज्यादा भर्तियां
सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार सबसे ज्यादा भर्ती चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और सफाई कर्मचारियों के पदों पर की जाएगी।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी – 53,749 पद
सफाई कर्मचारी – 24,793 पद
कांस्टेबल भर्ती – 6,000 पद
उप निरीक्षक (SI) – 1,076 पद
सपोर्ट इंजीनियर एवं अन्य तकनीकी पद – 3,000 पद
चिकित्सा अधिकारी – 600 पद
नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ – 2,000 पद
शिक्षा विभाग की विभिन्न भर्तियां – 10,000 पद
एसआई और कांस्टेबल भर्ती में बढ़ाए गए पद
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि उप निरीक्षक भर्ती में 61 अतिरिक्त पद जोड़े गए हैं। इसके बाद कुल पदों की संख्या 1,076 हो गई है। वहीं पुलिस कांस्टेबल भर्ती में भी बड़ा फैसला लेते हुए पदों की संख्या 4,000 से बढ़ाकर 6,000 कर दी गई है।
सरकार ने दिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि भर्ती कैलेंडर 2026 के तहत तय किए गए लक्ष्यों के अनुसार प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और विभागों की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने विभागों को प्रशासनिक स्वीकृति, वित्तीय मंजूरी, नियम संशोधन और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही भर्ती एजेंसियों, वित्त विभाग और कार्मिक विभाग के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।
लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश
बैठक में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल जांच और अन्य शेष प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सफाई कर्मचारी भर्ती, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती, सपोर्ट इंजीनियर भर्ती, चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ तथा शिक्षा विभाग की विभिन्न भर्तियों से जुड़े लंबित प्रस्तावों और अनुमोदनों का जल्द निस्तारण करने को कहा गया।
भर्ती प्रक्रिया की होगी लगातार निगरानी
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है ताकि युवाओं को जल्द रोजगार मिल सके और सरकारी विभागों में सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो सके।
राज्य सरकार के इस कदम से प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को बड़ी उम्मीद मिली है, जो लंबे समय से विभिन्न सरकारी भर्तियों के विज्ञापन और नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
