जयपुर: राजस्थान विधानसभा के गठन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को 'राजस्थान विधायी गौरव यात्रा का आयोजन हुआ : बता दे अमृत महोत्सव' राज्य के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक आयोजन बन गया। राष्ट्रमंडलीय संसदीय संघ (CPA) राजस्थान शाखा के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह में वर्तमान और पूर्व विधायकों का समागम हुआ। उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे, जबकि समापन समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्थान पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। राजस्थान विधानसभा देश का पहला विधानसभा सदन बना जिसने अपने 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया है। इस अवसर पर पहली बार उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष एक ही मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के दौरान आजादी के बाद बने 24 महत्वपूर्ण कानूनों पर 16 पूर्व एवं वर्तमान अनुभवी विधायकों ने चर्चा की, वहीं छह या उससे अधिक बार विधायक रहे 37 पूर्व एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों, पूर्व विधानसभा अध्यक्षों और उपाध्यक्षों का सम्मान भी किया गया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि राजस्थान विधानसभा ने 75 वर्षों में लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने, विकासोन्मुख कानून बनाने और राज्य के सामाजिक, आर्थिक व आधारभूत ढांचे को सशक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि युवा विधायकों का उत्साह और वरिष्ठ विधायकों का अनुभव लोकतंत्र को नई दिशा देता है तथा राजस्थान विधानसभा देश की संसदीय व्यवस्था के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
राजस्थान विधानसभा के गठन के 75 वर्ष पूर्ण,राजस्थान विधायी गौरव यात्रा का आयोजन
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