राजस्थान में सुस्त पड़ा मानसून अब दो दिन बाद फिर रफ्तार पकड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 20 जुलाई को जयपुर समेत 21 जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में मानसून ट्रफ लाइन हिमालय की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन 21 जुलाई से जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कई इलाकों में बारिश बढ़ने के आसार हैं। इसके बाद 22 और 23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो सकता है, जबकि जुलाई के अंतिम सप्ताह में जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि फिलहाल व्यापक और भारी बारिश की संभावना हैं।

बारिश की कमी के असर के कारण तापमान पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार  9 से 15 जुलाई के बीच राजस्थान में सामान्य से 75 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। मानसून का प्रवेशद्वार माने जाने वाले हाड़ौती क्षेत्र में भी इस बार उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि जुलाई के आखिरी सप्ताह में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरे मानसून सीजन में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका बढ़ सकती है, जिससे खेती और जलाशयों पर भी असर पड़ने की संभावना है।