राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। सोमवार को जयपुर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन कई जगह जलभराव और यातायात प्रभावित रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को बांसवाड़ा, बारां, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, प्रतापगढ़, सलूंबर और उदयपुर जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि प्रदेश के 31 जिलों में आंधी और बारिश का येलो अलर्ट लागू है। राजधानी जयपुर में दिनभर की उमस के बाद देर शाम हल्की बारिश हुई, वहीं सीकर के श्रीमाधोपुर में सबसे अधिक 75 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण कई शहरों में सड़कों पर पानी भर गया और जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र में सड़क धंसने से लंबे जाम की स्थति बन गयी है  मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक डॉ. राधेश्याम शर्मा के मुताबिक  पूर्वी भारत में बना डिप्रेशन अब दक्षिण-पूर्वी झारखंड और उत्तरी ओडिशा के आसपास पहुंच गया है, जिसके प्रभाव से राजस्थान में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। 6 से 9 जुलाई के बीच उदयपुर और कोटा संभाग सहित दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी मेघगर्जन के साथ मध्यम से तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान में भी 7 और 8 जुलाई को बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। हालांकि, 10 जुलाई के बाद प्रदेश में भारी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आ सकती है।