Monday, 26 October 2026
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रणबीर कपूर की 'रामायण' का नया गाना 'मंगल रंग' रिलीज होते ही विवादों में, सूफी बीट्स और रस्म को लेकर ट्रोलिंग

संक्षेप में

रणबीर कपूर और साई पल्लवी स्टारर फिल्म रामायण का नया गाना 'मंगल रंग' एआर रहमान के संगीत में रिलीज होने के बाद विवादों में आ गया है। गाने में सूफी बीट्स के इस्तेमाल और एक दृश्य को हल्दी की रस्म समझे जाने पर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने सवाल उठाए हैं, जिसे बाद में मिथिला क्षेत्र की पारंपरिक 'चुमावन रस्म' बताया गया है।

मुख्य बातें

  • रामायण फिल्म का नया गाना
  • गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है और संगीत एआर रहमान का है।
  • यूजर्स ने गाने में सूफी और कव्वाली बीट्स के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है।
  • गाने के एक सीन को हल्दी समझकर ट्रोल किया गया, जो असल में मिथिला क्षेत्र की
फिल्मी फीवर
रणबीर कपूर की 'रामायण' का नया गाना 'मंगल रंग' रिलीज होते ही विवादों में, सूफी बीट्स और रस्म को लेकर ट्रोलिंग

रणबीर कपूर और साई पल्लवी की आगामी फिल्म 'रामायण' का नया गाना 'मंगल रंग' रविवार को रिलीज कर दिया गया है। गाने के सामने आते ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। एआर रहमान के संगीत से सजे इस गाने को अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी आवाज दी है, लेकिन इसके म्यूजिकल अरेंजमेंट और एक दृश्य में फिल्माई गई रस्म को लेकर यूजर्स ने मेकर्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिल्म के गानों में सूफी और कव्वाली शैली के इस्तेमाल पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। वाल्मीकि रामायण पर आधारित इस पौराणिक प्रोजेक्ट से दर्शकों की उम्मीदें काफी अलग थीं, जिसके चलते रहमान के संगीत को लेकर नेटिज़न्स असंतोष जता रहे हैं।

एआर रहमान के संगीत और सूफी बीट्स पर उठे सवाल

रिलीज के साथ ही गाने की धुन सोशल मीडिया चर्चा का केंद्र बन गई है। कई यूजर्स का तर्क है कि महाकाव्य पर आधारित फिल्म के संगीत में बॉलीवुड शैली या सूफी बीट्स के बजाय शुद्ध पारंपरिक और शास्त्रीय धुनों का प्रयोग होना चाहिए था।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दे रहे लोगों का मानना है कि गानों में इस तरह के प्रयोग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के अनुकूल नहीं बैठते हैं। रहमान के कंपोजीशन को लेकर दर्शकों का एक वर्ग निराश नजर आ रहा है और इसे सांस्कृतिक रिसर्च की कमी बता रहा है।

हल्दी की रस्म को लेकर भ्रम और ट्रोलिंग

विवाद का दूसरा मुख्य केंद्र गाने का एक दृश्य है, जिसमें रणबीर कपूर (भगवान राम के रूप में) को महिलाएं कुछ रस्म निभाती नजर आ रही हैं और पृष्ठभूमि में साई पल्लवी (माता सीता) खड़ी हैं।

इस सीन को देखकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि मेकर्स ने शादी से जुड़ी परंपराओं को गलत ढंग से पेश किया है। यूजर्स का कहना था कि पारंपरिक विवाह अनुष्ठानों में दूल्हा और दुल्हन को एक साथ हल्दी की रस्म में शामिल होते नहीं दिखाया जाता, जिससे मेकर्स पर परंपराओं के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगने लगा।

क्या है 'चुमावन' रस्म का सच?

सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं के बीच मीडिया रिपोर्ट्स और सांस्कृतिक जानकारों ने स्पष्ट किया है कि वायरल हो रहा वह दृश्य हल्दी का नहीं है। असल में यह पूर्वी भारत और मिथिला क्षेत्र में विवाह के दौरान की जाने वाली पारंपरिक 'चुमावन रस्म' का हिस्सा है।

इस सांस्कृतिक परंपरा के तहत, वधू पक्ष की पांच सुहागिन महिलाएं दूब, अक्षत, हल्दी और दही लेकर वर के चरणों, घुटनों और कंधों को स्पर्श कर दीर्घायु का आशीर्वाद देती हैं। इसी तरह की प्रक्रिया वधू के लिए भी अलग से निभाई जाती है। फिल्म के मेकर्स ने इसी प्रांतीय लोक-संस्कृति को पर्दे पर उतारा था, जिसे सोशल मीडिया यूजर्स ने गलतफहमी में उत्तर भारत की सामान्य हल्दी मान लिया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

रामायण फिल्म का कौन सा गाना विवादों में आया है?

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मंगल रंग गाने को किसने गाया है और संगीत किसका है?

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गाने में किस बात को लेकर विवाद हो रहा है?

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