चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध श्री सांवलिया सेठ मंदिर में आस्था का एक नया स्वरूप देखने को मिला है। जयपुर से आए एक श्रद्धालु परिवार ने भगवान कृष्ण के चरणों में 137 ग्राम शुद्ध सोने से बनी बांसुरी अर्पित की है। बाजार भाव के अनुसार, इस बेशकीमती भेंट की कीमत करीब 20 लाख रुपए आंकी गई है।

विधि-विधान से सौंपी भेंट श्रद्धालु परिवार ने मंदिर के भेंट कक्ष में पहुंचकर पूरी धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ यह बांसुरी मंदिर मंडल को सौंपी। मंदिर प्रशासन ने इसे ससम्मान स्वीकार करते हुए परिवार को आधिकारिक रसीद प्रदान की। परंपरा के अनुसार, मंदिर मंडल की ओर से श्रद्धालु परिवार को ऊपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया और उन्हें सांवलिया सेठ का विशेष प्रसाद व भगवान की तस्वीर भेंट की गई।

दानपात्र से निकला 16.60 करोड़ का चढ़ावा सांवलिया सेठ मंदिर में दान का सिलसिला लगातार जारी है। मंदिर के दानपात्र (भंडार) की गणना के दूसरे चरण में बुधवार को 6 करोड़ 49 लाख रुपए की नकदी प्राप्त हुई। पहले और दूसरे चरण की गणना को मिलाकर अब तक कुल दान राशि 16 करोड़ 60 लाख 83 हजार रुपए के पार पहुंच गई है। मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि दानपात्र में शेष बची राशि की गणना गुरुवार को तीसरे चरण में पूरी की जाएगी।

आस्था का प्रमुख केंद्र चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर देशभर में 'सांवलिया सेठ' के रूप में विख्यात है। भक्तों का मानना है कि यहां मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं, जिसके चलते देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दिल खोलकर दान करते हैं। मंदिर प्रशासन द्वारा प्राप्त इस राशि और आभूषणों का उपयोग धार्मिक आयोजनों, मंदिर के विकास कार्यों और समाज कल्याण के कार्यों में किया जाता है।