SBI में 4 बार से ज्यादा कैश निकालने पर लगेगा चार्ज, 5वीं निकासी से ₹15+GST देना होगा

नई दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट (BSBD) खाताधारकों के लिए कैश निकासी से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। इसके तहत BSBD खाते से महीने में पहली चार कैश निकासी मुफ्त रहेंगी, जबकि पांचवीं और उसके बाद की प्रत्येक निकासी पर ₹15 + GST का शुल्क देना होगा। SBI ने इसकी जानकारी अपने संशोधित सर्विस चार्ज नोटिस में दी है।

ATM से लेकर AEPS तक निकासी होगी शामिल

नए नियम में चार मुफ्त कैश निकासी की गणना अलग-अलग माध्यमों से होने वाली निकासी को जोड़कर की जाएगी। इसमें SBI और दूसरे बैंकों के ATM से कैश निकालना, बैंक शाखा से निकासी और Aadhaar Enabled Payment System (AEPS) के जरिए कैश निकालना शामिल है।

मसलन, अगर ग्राहक महीने में दो बार ATM से और दो बार शाखा या AEPS से कैश निकालता है तो उसकी चार मुफ्त निकासी पूरी हो जाएंगी। इसके बाद की कैश निकासी पर ₹15 प्लस GST देना होगा।

डिजिटल ट्रांजेक्शन को लेकर क्या बदला?

यहां एक अहम बदलाव AEPS को लेकर है। पहले चार मुफ्त निकासी की सीमा में डिजिटल ट्रांजेक्शन को बाहर रखा जाता था। नए नियमों में AEPS से होने वाली कैश निकासी भी चार मुफ्त निकासी की सीमा में गिनी जाएगी। हालांकि SBI के मुताबिक सामान्य डिजिटल ट्रांजेक्शन मुफ्त रहेंगे और उन पर कोई लिमिट नहीं लगाई गई है।

क्या है SBI का BSBD अकाउंट?

BSBD यानी Basic Savings Bank Deposit Account एक बेसिक बैंकिंग अकाउंट है, जिसे न्यूनतम बैलेंस की अनिवार्यता के बिना बुनियादी बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया है। इसमें ग्राहकों को बेसिक RuPay ATM-कम-डेबिट कार्ड की सुविधा मिलती है। सामान्य BSBD खाते में चेकबुक की सुविधा उपलब्ध नहीं होती।

BSBD खाता रखने वाला ग्राहक SBI में एक साथ दूसरा सेविंग्स बैंक अकाउंट नहीं रख सकता। यदि उसके पास पहले से SBI का सेविंग्स अकाउंट है और वह BSBD अकाउंट खोलता है, तो मौजूदा सेविंग्स अकाउंट को 30 दिनों के भीतर बंद करना होता है।

ध्यान रखें

1 अक्टूबर 2026 से BSBD खाताधारकों को महीने में चार मुफ्त कैश निकासी का लाभ मिलेगा। पांचवीं निकासी से हर अतिरिक्त निकासी पर ₹15 + GST लगेगा। इसलिए बार-बार कैश निकालने वाले ग्राहकों को नए नियम के बाद अपनी निकासी पर नजर रखनी होगी।