स्नैपचैट (Snapchat) युवाओं के बीच फोटो, वीडियो और चैटिंग के लिए सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म में से एक है। प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले फीचर्स इसे आकर्षक बनाते हैं, लेकिन प्राइवेसी सेटिंग्स को नजरअंदाज करना आपकी सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। अगर आपने ऐप की सेटिंग्स को सही से कॉन्फिगर नहीं किया है, तो आपकी लाइव लोकेशन और पर्सनल डेटा दूसरों तक पहुंच सकता है।
स्नैप मैप से लाइव लोकेशन का खतरा
स्नैपचैट का स्नैप मैप (Snap Map) फीचर दोस्तों के साथ लोकेशन शेयर करने की सुविधा देता है। यह फीचर तब खतरनाक साबित हो सकता है जब लोकेशन शेयरिंग सभी यूजर्स या अनजान लोगों के लिए खुली होती है। इससे आपकी हर गतिविधि पर कोई भी नजर रख सकता है।
जरूरत न होने पर लोकेशन शेयरिंग को बंद रखना या 'घोस्ट मोड' (Ghost Mode) का इस्तेमाल करना ही सुरक्षा के लिहाज से बेहतर विकल्प है। घोस्ट मोड ऑन होने पर आपकी लाइव लोकेशन किसी को दिखाई नहीं देती है।
ऑटो-डिलीट होने वाली फोटो पर न करें पूरा भरोसा
स्नैपचैट की लोकप्रियता की सबसे बड़ी वजह यह है कि यहां भेजी गई तस्वीरें और वीडियो देखने के बाद अपने आप डिलीट हो जाते हैं। इस फीचर के कारण यूजर्स अक्सर सुरक्षा को लेकर लापरवाह हो जाते हैं।
फोटो अपने आप गायब होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सामने वाला उसका स्क्रीनशॉट नहीं ले सकता या दूसरे फोन से रिकॉर्डिंग नहीं कर सकता है। इसलिए प्लेटफॉर्म पर कभी भी ऐसी संवेदनशील तस्वीर या वीडियो शेयर न करें, जिसके सार्वजनिक होने पर आपको नुकसान हो सकता है।
'माई एआई' चैटबॉट के साथ सावधानी
प्लेटफॉर्म पर मिलने वाला 'माई एआई' (My AI) फीचर यूजर के सवालों के जवाब देने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, किसी भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट के साथ बातचीत करते समय अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचना चाहिए।
पासवर्ड, बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी, घर का पूरा पता या अन्य गोपनीय जानकारियां चैट में लिखना भारी पड़ सकता है। किसी भी सोशल मीडिया चैटबॉट को अपनी पर्सनल डायरी की तरह इस्तेमाल करने से बचना बेहद जरूरी है।
