संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा में ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा के बीच भारी हंगामा हुआ। विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बावजूद निचले सदन में ध्वनिमत से यह बिल पास हो गया। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि नए विधेयक में पेपर लीक और संगठित अपराध के मामलों में जुर्माने और सजा के प्रावधानों को और कड़ा किया गया है।

चर्चा के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाए। उनके बयानों और एक अमर्यादित टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और राजनाथ सिंह ने कड़ी आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

कड़े प्रावधानों के साथ बिल पास

चर्चा के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के सुझावों को शामिल करते हुए बिल के कई प्रावधानों में संशोधन किया है। नए कानून के तहत सर्विस प्रोवाइडर पर जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दिया गया है।

प्रस्तावित बिल के मुताबिक, डायरेक्टर्स और मैनेजमेंट के लिए जेल की सजा को 3-10 साल से बढ़ाकर 5-10 साल और जुर्माना ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किया गया है। इसके अलावा, संगठित अपराध नेटवर्क्स के लिए न्यूनतम 7 साल की जेल (पहले 5 साल) और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रस्ताव रखा गया है।

राहुल गांधी के बयानों पर सदन में घमासान

लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और आरएसएस पर शिक्षा व्यवस्था को नियंत्रित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में आरएसएस के लोग बैठे हैं और छात्रों को सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

इस बीच, राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए माफी की मांग की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी रिकॉर्ड से आपत्तिजनक शब्द हटाने की मांग की। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम Birla ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

राज्यसभा में भी कार्यवाही बाधित

उधर, राज्यसभा में भी विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की मांग को लेकर हंगामा किया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी और अन्य नेताओं ने गृह मंत्री को सदन में बुलाने की मांग की, जिसके बाद सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और बाद में दिनभर के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा की कार्यवाही भी गुरुवार (30 जुलाई 2026) सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।