शिक्षा नगरी सीकर में बुधवार को तबादलों से नाराज शिक्षकों ने अनोखा प्रदर्शन किया। राजस्थान टीचर्स एसोसिएशन के बेनर तले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की सांकेतिक शव यात्रा निकाली। यह सांकेतिक शव यात्रा के दौरान चार शिक्षकों ने कंधा भी दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। यात्रा मारू स्कूल से शुरू हुई और कल्याण सर्किल होते हुए क्लेकटेट पहुंची। क्लेकटेट पर महिला शिक्षकों ने मुखाग्नि भी दी। इसके बाद शिक्षकों के एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलक्टर और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) और  निदेशक माध्य. शिक्षा बीकानेर के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में, जब प्रदेशभर में नामांकन अभियान चल रहा है, उसी समय हजारों शिक्षकों के तबादले कर शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया गया है। संगठन ने इसे मानवीय संवेदनाओं के विपरीत और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। शिक्षक संघ शेखावत के जिला मंत्री फारूक अली खान ने कहा कि तबादलों में मानवीय पहलुओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के साथ-साथ असाध्य रोगों से पीड़ित, विधवा एवं दिव्यांग शिक्षकों को भी दूरस्थ क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे प्रभावित शिक्षक मानसिक और पारिवारिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार के तबादले न केवल शिक्षकों के हितों के खिलाफ हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर असर डालेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश लेकर अपने तबादले रुकवाने या संशोधित करवाने के लिए विधायकों और मंत्रियों के आवासों के चक्कर लगा रहे हैं। इसके कारण प्रदेशभर के सरकारी विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है और नामांकन अभियान पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ने लगा है। कई स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बिगड़ गया है तथा हजारों विद्यालय केवल थर्ड ग्रेड शिक्षकों के भरोसे संचालित होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे हालात में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उम्मीद करना कठिन होगा। जिलाध्यक्ष विनोद पूनियां ने बताया कि यदि सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो शिक्षक समुदाय अब चुप नहीं बैठेगा और शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से सरकार की नीतियों का विरोध करेगा। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के तबादलों में विरोध पर 17 जुलाई को प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि बदले की भावना और मानवीय संवेदनाओं की अनदेखी कर किए गए सभी तबादलों को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही सरकार अपने पूर्व वादे के अनुसार शिक्षकों के सभी संवर्गों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करे।