राजस्थान में वीएलटीडी जीपीएस, वाहन फिटनेस सेंटर और परमिट संबंधी समस्याओं को लेकर ट्रांसपोर्टरों की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। सरकार द्वारा ट्रांसपोर्टरों की कई प्रमुख मांगों को स्वीकार करने और बाकी मांगों पर जल्द आवश्यक सुधार एवं कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद राजस्थान संघर्ष समिति ने सर्वसम्मति से चक्का जाम वापस लेने की घोषणा की। इसके साथ ही गुरुवार से प्रदेशभर में माल परिवहन व्यवस्था फिर से सामान्य होने लगेगी और उदयपुर सहित विभिन्न जिलों के हजारों ट्रक दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।
हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्टरों ने प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किए थे। उदयपुर में ट्रांसपोर्ट नगर से आरटीओ कार्यालय तक करीब 50 ट्रकों की रैली निकाली गई, जिसमें ट्रक मालिक, चालक और ट्रांसपोर्ट व्यवसायी बड़ी संख्या में शामिल हुए। आंदोलन के बाद संघर्ष समिति और परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में वीएलटीडी जीपीएस लगाने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने, लंबित फिटनेस और परमिट संबंधी कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा फिटनेस सेंटर बंद रहने के दौरान काटे गए चालानों की समीक्षा कर पात्र वाहन मालिकों को राहत देने पर सहमति बनी।
राजस्थान संघर्ष समिति के अनुसार सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों को मान लिया है, जबकि शेष मांगों पर समय मांगा गया है। इसी भरोसे के आधार पर फिलहाल हड़ताल समाप्त करने का फैसला लिया गया है। हालांकि समिति ने साफ किया है कि यदि तय समय में लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है। फिलहाल हड़ताल खत्म होने से प्रदेश में परिवहन व्यवस्था सामान्य होने और व्यापारिक गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
