मध्य प्रदेश के वन विभाग में एक बार फिर पदोन्नति का घोटाला सामने आया है। गुरुवार को खंडवा फॉरेस्ट कंजर्वेटर कार्यालय में चार जिलों के रेंज अधिकारी एकजुट होकर पहुंचे। उन्होंने पदोन्नति सूची को पूरी तरह पक्षपातपूर्ण और नियम-विरुद्ध बताया।खंडवा फॉरेस्ट कंजर्वेटर कार्यालय के बाहर गुरुवार को  खंडवा, बुरहानपुर और हरदा — इन चार जिलों के फॉरेस्ट रेंज अधिकारी एक साथ यहां पहुंचे।

 

अनदेखी के लगाए आरोप

"अधिकारियों ने कंजर्वेटर को साफ-साफ कहा कि यह पदोन्नति सूची वरिष्ठता, सेवा अवधि और मेरिट की पूरी तरह अनदेखी करती है। कई योग्य वनपाल, वनरक्षक और डिप्टी रेंजर को नजरअंदाज कर अपात्रों को तरजीह दी गई है।ये सूची पूरी तरह विसंगतिपूर्ण है। जो लोग 15-20 साल से फील्ड में खून-पसीना बहा रहे हैं, उन्हें साइडलाइन कर दिया गया।

 

प्रदेशस्तर पर आंदोलन की चेतावनी
 अगर 7 दिन के अंदर इस सूची को निरस्त नहीं किया गया तो हम पूरे प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेंगे और हाईकोर्ट जाएंगे। उधर अपने ही कर्मचारियों की मांग और आवेदन को दरकिनार करते हुए साफ तौर पर सीसीएफ ने कहा कि जिसको न्यायालय जाना हो जाए।