प्रतिभा किसी महानगर या खास सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। बड़वानी जिले के छोटे से ग्राम पिछोड़ी की रहने वाली राजनंदिनी अवास्या ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है। रामलाल अवास्या की 23 वर्षीय बेटी राजनंदिनी ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर मेकअप आर्टिस्ट के क्षेत्र में एक अलग मुकाम हासिल किया है। खास बात यह है कि वह खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अब तक 100 से अधिक युवतियों को इस विधा में प्रशिक्षित कर चुकी हैं।
इंदौर से दिल्ली तक का सफर
राजनंदिनी की शैक्षणिक यात्रा सामान्य लीक से हटकर रही है। उन्होंने इंदौर के गवर्नमेंट जीडीसी कॉलेज से एमएससी तक की उच्च शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपनी कला और हुनर को पहचानते हुए सौंदर्य कला के क्षेत्र में उतरने का निर्णय लिया।
वर्ष 2023 में उन्होंने बतौर मेकअप आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की। अपने काम में पेशेवर दक्षता हासिल करने के लिए वह दिल्ली गईं, जहां देश की जानी-मानी सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट पारुल गर्ग से प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली। इस प्रशिक्षण ने उनके हुनर को तराशने में अहम भूमिका निभाई।
कई शहरों में संवार रहीं दुल्हनों के सपने
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राजनंदिनी ने अपने काम का दायरा तेजी से बढ़ाया। आज वह इंदौर, बड़वानी और धार समेत मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों में दुल्हनों को उनके खास मौकों के लिए तैयार करती हैं। उनका मुख्य फोकस सिर्फ साज-सज्जा तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं में उनके जीवन के अहम दिन पर आत्मविश्वास जगाना है।
दूसरों को दे रही हैं आत्मनिर्भरता की राह
अपनी सफलता को उन्होंने सिर्फ अपने तक सीमित नहीं रखा। पिछले करीब दो वर्षों से वह बड़वानी में युवतियों को मेकअप की बारीकियां सिखा रही हैं। वह अब तक 100 से अधिक छात्राओं को इस क्षेत्र में प्रशिक्षित कर चुकी हैं, ताकि ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों की बेटियां भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें।
उनके इस सफर को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं महिला एवं बाल विकास आयोग की तरफ से उन्हें मेकअप आर्टिस्ट के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है। उच्च शिक्षा के बाद युवतियों के लिए प्रेरणा बनीं राजनंदिनी आज न केवल अपने सपनों को पंख दे रही हैं, बल्कि कई अन्य बेटियों की तकदीर भी संवार रही हैं।
