बाड़मेर जिले के शिव क्षेत्र में विद्युत निगम (डिस्कॉम) की घोर लापरवाही से एक बड़ा हादसा हुआ है। लाइन का फॉल्ट ठीक करने के दौरान ग्रिड सब-स्टेशन (GSS) से अचानक बिजली चालू कर दिए जाने से फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (FRT) का एक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गया। इस घटना के विरोध में शिव विधानसभा क्षेत्र से विधायक रविंद्र सिंह भाटी सोमवार को सैकड़ों समर्थकों और पीड़ित परिवार के साथ बाड़मेर स्थित अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
नशे में धुत कर्मचारी पर सप्लाई चालू करने का आरोप
रविवार शाम करीब 4 बजे 30 वर्षीय एफआरटी कर्मचारी लक्ष्मणदास अपनी टीम के साथ कुमावत नगर में बिजली का फॉल्ट ठीक करने पहुंचे थे। विधिवत शटडाउन लेने के बाद लक्ष्मणदास जैसे ही बिजली के पोल पर चढ़े, जीएसएस पर तैनात कर्मचारी ने अचानक लाइन चालू कर दी।
हादसे में तेज करंट की चपेट में आने से लक्ष्मणदास पोल से नीचे गिर गए। उन्हें गंभीर हालत में पहले शिव अस्पताल ले जाया गया, जहां से स्थिति नाजुक होने पर बाड़मेर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। झुलसे कर्मचारी के पिता कन्हैयालाल ने आरोप लगाया है कि जीएसएस पर तैनात कर्मचारी अलसाराम नशे की हालत में था और उसी ने बिना सोचे-समझे बिजली सप्लाई चालू कर दी।
शिव बाजार बंद, विधायक भाटी का फूटा गुस्सा
घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी डिस्कॉम के किसी वरिष्ठ अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष फैल गया। इसके विरोध में सोमवार को शिव का बाजार पूरी तरह बंद रखा गया। एसई दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने डिस्कॉम प्रशासन पर जमकर हमला बोला।
भाटी ने कहा- "यह हादसा डिस्कॉम कर्मियों की आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। दोषी कर्मचारी के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उसे निलंबित किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।"
ग्रामीणों और किसानों के समर्थन में बात करते हुए विधायक ने कहा कि जनता ने उनके लिए मेहनत की थी, और जरूरत पड़ने पर वे अपने लोगों के अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
धरने पर प्रशासनिक अमला, कार्रवाई की मांग पर अड़े
विधायक और ग्रामीणों के धरने पर बैठते ही पुलिस और बिजली विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश का दौर शुरू हुआ। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक आरोपी कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित नहीं किया जाता और पीड़ित परिवार को राहत राशि का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना समाप्त नहीं होगा।
