भगवानपुरा के वनग्राम रायसागर में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ एक सख्त सामूहिक फैसला लिया है। रविवार को हुई ग्राम सभा में गांव में हर तरह की शराब की बिक्री और सेवन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। यह फैसला शादियों और नुक्ता जैसे सभी सामाजिक आयोजनों पर भी लागू होगा।
बैठक में गांव पटेल, पुजारा, वारती, डाहला, सरपंच और सचिव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सर्वसम्मति से तय किया गया कि यदि गांव में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचते हुए पकड़ा जाता है, तो उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, आरोपी के खिलाफ आबकारी और पुलिस विभाग में शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूचना देने वाले के लिए इनाम का ऐलान
प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ ग्रामीणों ने सूचना तंत्र को मजबूत करने का भी फैसला किया है। यदि कोई व्यक्ति गांव में शराब बिकने की पुख्ता सूचना देता है, तो उसे 5000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस नियम के जरिए अवैध कारोबारियों पर सीधे नजर रखी जाएगी।
ग्राम स्तर पर इस फैसले को लागू कराने के लिए पुलिस प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा गया है। बैठक में इंजीनियर मिनेश आवासे और सुरेश डुडवे ने बताया कि युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कौन-कौन रहा मौजूद
इस ऐतिहासिक बैठक में गांव पटेल छतरसिंह जाधव, सरपंच रीता मेहता, पूर्व सरपंच नारु टेटिया, सुभाष मेहता, रेमाल सिसोदिया, श्रीराम डुडवे और सुरमल महाराज समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
