बॉम्बे हाईकोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' को लेकर एक अहम अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अज्ञात व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को फिल्म की अनाधिकृत रिकॉर्डिंग, होस्टिंग और ऑनलाइन स्ट्रीमिंग करने से रोक दिया है। यह फैसला फिल्म निर्माताओं को राहत देने वाला है, जो लंबे समय से पाइरेसी की आशंका जता रहे थे।
यह कानूनी कार्रवाई गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर की गई है। कंपनी ने आनंद एंड नाइक कानूनी फर्म के माध्यम से अदालत का रुख किया था। याचिका में मांग की गई थी कि फिल्म की स्क्रिप्ट, मुख्य किरदारों के लुक, फुटेज, गानों और अन्य रिकॉर्डिंग को कॉपीराइट उल्लंघन से पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। निर्माताओं को आशंका थी कि रिलीज से पहले ही कंटेंट लीक हो सकता है।
लीक हुए थे दो ट्रेलर, जॉन डो समेत 34 पक्षकार
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि फिल्म के निर्माताओं ने केवल चुनिंदा और आमंत्रित लोगों के लिए एक प्रीव्यू स्क्रीनिंग रखी थी। इस दौरान सेट पर और स्क्रीनिंग हॉल में बेहद कड़ी गोपनीयता की शर्तें लागू थीं। इसके बावजूद, फिल्म से जुड़े दो ट्रेलर चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर लिए गए और उन्हें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित कर दिया गया।
इस मामले में अदालत ने जॉन डो (अज्ञात पाइरेट्स) के अलावा करीब 34 ऐसी कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को भी जवाबदेह पक्ष बनाया है, जो पायरेटेड कंटेंट को होस्ट या प्रसारित कर सकते हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी लिखित शिकायत मिलने पर ऐसे अवैध लिंक्स और मिरर साइट्स को तुरंत हटाना होगा।
2,000 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा पहला भाग
रणबीर कपूर स्टारर यह फिल्म सिनेमाघरों में 5 नवंबर 2026 को रिलीज होने के लिए तय है। बड़े बजट की इस फिल्म के पहले हिस्से के निर्माण पर ही लगभग 2,000 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं, जबकि दोनों भागों का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपए आंका गया है। फिल्म की भव्यता और स्टार कास्ट को देखते हुए मेकर्स रिलीज से पहले ही इसकी सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं।
