देवास के शिवाजी नगर स्थित मोती बंगला परिसर में इस दीपावली पर मां योगमाया महालक्ष्मी का दरबार खास चर्चा में है। यहाँ देवी का श्रृंगार आम फूलों या गहनों से नहीं, बल्कि कुल 5 करोड़ 25 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा से किया गया है। धनतेरस से भाई दूज तक चलने वाले इस छह दिवसीय आयोजन का यह लगातार दूसरा वर्ष है। पिछले साल यह श्रृंगार डेढ़ करोड़ रुपये की राशि से किया गया था, जो इस बार बढ़कर साढ़े पाँच करोड़ के पार पहुँच गया है।
70 से अधिक श्रद्धालुओं ने दिया सहयोग
मंदिर समिति के मुताबिक, इस अनूठे श्रृंगार के लिए इस बार 70 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने अपनी राशि समर्पित की है। पिछले साल के आयोजन में लगभग 43 साल नहीं बल्कि 430 श्रद्धालुओं ने इसमें हिस्सा लिया था। इस बार करंसी नोटों के साथ-साथ स्वर्ण मुद्राएँ और पारंपरिक आभूषण भी श्रृंगार में शामिल किए गए हैं।
समिति के अध्यक्ष विमल शर्मा ने बताया कि श्रद्धालुओं की ओर से मिलने वाली इस पूरी राशि को मंदिर परिसर में नहीं रखा जाता है। भाई दूज के दो दिन बाद रसीद के आधार पर प्रत्येक श्रद्धालु को उसकी मूल राशि में 1 रुपया बढ़ाकर वापस लौटा दी जाती है। इसके साथ ही उन्हें कुबेर पोटली प्रसाद के रूप में दी जाती है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भविष्य की योजना
इतनी बड़ी राशि से जुड़े इस आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। मंदिर में सुबह और शाम के समय नियमित पुलिस बल तैनात रहता है, जबकि सुरक्षा के लिए दो प्राइवेट गार्ड और समिति के सदस्य भी चौबीसों घंटे मौजूद रहते हैं।
आयोजन समिति ने आगामी वर्षों के लिए और बड़ा लक्ष्य तय किया है। समिति का इरादा है कि अगले साल इस दीपावली पर देवी का यह श्रृंगार 11 करोड़ रुपये की राशि तक पहुँचाया जाए।
