मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खरगोन और रतलाम जिलों में पुलिस ने ड्रोन कैमरों की मदद से दुर्गम पहाड़ियों और खेतों में चल रही गांजे की अवैध खेती का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कुल 3 करोड़ रुपये से अधिक कीमत के करीब 19 हजार गांजे के पौधे जब्त किए हैं।
खरगोन में ड्रोन सर्चिंग से मिला 3 करोड़ का गांजा
खरगोन जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये कीमत के 60 क्विंटल गांजे के पौधे बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई ऐसे दुर्गम इलाकों में की गई जहां मोबाइल नेटवर्क तक नहीं पहुंचता है और पुलिस टीमों को कई किलोमीटर पैदल चलकर नदी-पहाड़ पार करने पड़े। निमाड़ के चार जिलों में अवैध गांजे के खिलाफ यह अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी है।
चैनपुर थाने की चौकी हेलापड़ावा के ग्राम जामली और गुवाड़ा ठाटा फलिया में पुलिस ने एक साथ दो जगहों पर दबिश दी। मुखबिर की सूचना पर हुई पहली कार्रवाई में ग्राम जामली के खेतों से 9 हजार 391 गांजे के पौधे जब्त किए गए, जिनका वजन 3 हजार 765 किलो और अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 88 लाख 25 हजार रुपये है। इस मामले में दंगलिया, मधू और सुखलाल के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गुवाड़ा में भी हुई कार्रवाई, चार आरोपियों पर केस
दूसरी कार्रवाई ग्राम गुवाड़ा के ठाटा फलिया में की गई, जहां आरोपी जागीर के खेत से 5 हजार 800 गांजे के पौधे बरामद किए गए। इन पौधों का वजन 2 हजार 209 किलो और अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 10 लाख 45 हजार रुपये है। चैनपुर थाने में इस मामले में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इतनी बड़ी मात्रा में फसल तैयार होने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महीनों तक बड़े पैमाने पर गांजे की खेती होती रही, लेकिन इसकी भनक किसी को नहीं लगी।
रतलाम में सरकारी जमीन पर चल रही थी खेती
खरगोन के अलावा रतलाम जिले के सरवन थाना क्षेत्र के ग्राम उंडेर में भी अवैध गांजे की खेती का खुलासा हुआ है। पहाड़ी के किनारे सरकारी जमीन पर मक्का और कपास की आड़ में गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। पुलिस टीम ने सर्चिंग के दौरान मौके से 2 हजार 948 पौधे उखाड़े, जिनका वजन 724 किलो और कीमत करीब 7 लाख रुपये आंकी गई है।
रतलाम के एसडीओपी लेखराज मीणा के अनुसार, यह खेती सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके की जा रही थी। हालांकि, कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। पुलिस अब जमीन पर कब्जा करने वालों और इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
