आज बुधवार, 12 अगस्त को सावन मास की अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या है और इसी दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए देश में इसका सूतक मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे। श्रद्धालु पूरे दिन पूजा-पाठ, भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण, दान-पुण्य, पितरों का तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार हरियाली अमावस्या प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पर्व है, इसलिए इस दिन छायादार और फलदार पेड़-पौधों का रोपण कर उनकी देखभाल का संकल्प लेना शुभ माना जाता है। अमावस्या की शाम सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जलाने की भी परंपरा है। पितरों के निमित्त तर्पण के लिए पवित्र नदियों या तीर्थस्थलों में स्नान करने की मान्यता है और जो लोग वहां नहीं जा सकते, वे घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इसके बाद अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, जल, वस्त्र या जरूरत की अन्य वस्तुओं का दान किया जा सकता है। इस दिन गौशाला में हरी घास और आर्थिक सहायता देने, पशु-पक्षियों को भोजन कराने तथा भगवान गणेश की पूजा कर दूर्वा और मोदक अर्पित करने की भी परंपरा है। भारतीय समय के अनुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात करीब 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की रात करीब 1:28 बजे तक रहेगा और यह उत्तरी प्रशांत महासागर, पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका तथा उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का साया
आज बुधवार, 12 अगस्त को सावन मास की अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या है और इसी दिन सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए देश में इसका सूतक मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट बंद नहीं किए जाएंगे। श्रद्धालु पूरे दिन पूजा-पाठ, भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक, बिल्व पत्र अर्पण, दान-पुण्य, पितरों का तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान कर सकेंगे।
धर्म
मुख्य बातें
- भारत में ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा।
- आज का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
- आज हरियाली अमावस्या है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज कौन-सा पर्व है?
हरियाली अमावस्या।
क्या ग्रहण भारत में दिखेगा?
नहीं।
