दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उसके ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों पर तत्काल बिक्री रोक के FSSAI के आदेश को फिलहाल रोक दिया है। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र सरकार और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट के आदेश के बाद अगली सुनवाई तक डाबर के इन उत्पादों की बिक्री जारी रहेगी। अदालत ने फिलहाल यह भी स्पष्ट किया कि मामले में उत्पादों की सुरक्षा को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया है। FSSAI ने ऐसे दावों वाले उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने का निर्देश दिया था, जिसके बाद डाबर ने हाईकोर्ट का रुख किया था। वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने 2015 के चर्चित मैगी विवाद से जुड़े दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों को भी रद्द कर दिया है। ये मामले मैगी में लेड और मोनोसोडियम ग्लूटामेट की कथित अधिक मात्रा पाए जाने के बाद दर्ज किए गए थे। जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की जांच में मैगी के सैंपल सुरक्षित पाए जा चुके हैं। ऐसे में दुकानदारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे चलाते रहना उनके साथ अन्याय होगा। हाईकोर्ट के इन दोनों फैसलों से एक तरफ डाबर के उत्पादों की बिक्री पर फिलहाल राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर वर्षों पुराने मैगी विवाद में दुकानदारों को भी कानूनी राहत मिली है।
डाबर के प्रोडक्ट्स पर फिलहाल नहीं लगेगा बैन, हाईकोर्ट ने FSSAI से मांगा जवाब
दिल्ली हाईकोर्ट ने डाबर को बड़ी अंतरिम राहत देते हुए उसके ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ जैसे दावों वाले उत्पादों पर तत्काल बिक्री रोक के FSSAI के आदेश को फिलहाल रोक दिया है। जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने केंद्र सरकार और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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मुख्य बातें
- दिल्ली हाईकोर्ट ने ‘100% प्योर’, ‘100% नेचुरल’ और ‘100% ऑर्गेनिक’ दावों वाले डाबर प्रोडक्ट्स पर FSSAI के बिक्री रोक आदेश को फिलहाल स्थगित कर दिया।
- हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
- हाईकोर्ट ने 2015 के मैगी विवाद से जुड़े दुकानदारों के सभी आपराधिक मामले रद्द कर दिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हाईकोर्ट ने किन्हें नोटिस जारी किया?
कोर्ट ने केंद्र सरकार और FSSAI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मैगी विवाद में कोर्ट ने क्या फैसला दिया?
दिल्ली हाईकोर्ट ने 2015 के मैगी विवाद से जुड़े दुकानदारों के खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामले रद्द कर दिए।
