जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं को कमजोर कर देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहती है। वैष्णव ने एसआईआर, ईवीएम और मतदाता सूची जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के रुख को लेकर छह सवाल खड़े किए और दावा किया कि पार्टी इस प्रक्रिया पर चर्चा से बचने के लिए संसद से वॉकआउट करेगी।
प्रेसवार्ता के दौरान रेल मंत्री ने कहा कि देश के संवैधानिक संस्थानों को दशकों की मेहनत, कानूनों और संसद के साथ-साथ 140 करोड़ नागरिकों के श्रम से सींचकर मजबूत किया गया है। कांग्रेस नेताओं को इन संस्थानों पर सवाल उठाने में कोई झिझक नहीं होती है, जिससे संविधान की मर्यादा पर असर पड़ रहा है।
मतदाता सूची और ईवीएम पर उठाए सवाल
लोकतांत्रिक प्रक्रिया के मूल आधार पर बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का शुद्ध होना सबसे जरूरी है। एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया संविधान के प्रावधानों के तहत ही संचालित होती है और यह कोई पहली बार नहीं हो रही, बल्कि 1947 के बाद से कई बार लागू की जा चुकी है।
ईवीएम के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन लाने वाली पार्टी खुद कांग्रेस ही थी। मशीन के आने से पहले बूथ लूटने और मतपेटियां भर देने जैसी घटनाएं आम थीं, जिन पर प्रभावी रोक ईवीएम के आने के बाद ही लग सकी। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस यदि बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करती है, तो एमएलसी चुनावों में बैलेट से मतदान कराने के बावजूद सीटें न जीत पाने पर क्या वह अपनी यह मांग वापस लेगी?
संसद में चर्चा और छह सवाल
संसद में चर्चा की चुनौती देते हुए रेल मंत्री ने कहा कि सरकार हर विषय पर बहस के लिए तैयार है, विशेष सत्र बुलाने से भी पीछे नहीं हटेगी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि एसआईआर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता बीच में ही सदन छोड़कर चले जाएंगे, क्योंकि उनके पास तथ्यों का आधार नहीं है।
इस दौरान मंच पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा और मीडिया प्रभारी प्रमोद वशिष्ठ मौजूद रहे।
