बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी और उसका वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव ने पुलिस दल पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस बहुचर्चित मामले की जांच अब सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है।
मुठभेड़ में मुख्य आरोपी घायल
एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि मुख्य फरार आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के वक्त आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर हमला कर दिया। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।
इस घटना के अन्य दो मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए जमुई और आसपास के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इससे पहले पुलिस इस मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को भी हिरासत में ले चुकी है, जिनकी उम्र 17 से 18 साल के बीच बताई गई है।
SIT का गठन और गंभीर धाराओं में FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई के एलडीपीओ कर रहे हैं। जमुई थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 128, 74 और 75 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं 8 और 12 के अंतर्गत भी मामला दर्ज किया गया है।
दूसरी तरफ, मामले की तह तक जाने के लिए सीआईडी की स्पेशल टीम जमुई पहुंच चुकी है और उसने पड़ताल शुरू कर दी है। टीम इस पूरी घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी है ताकि सभी संलिप्त आरोपियों को कानूनी शिकंजे में लिया जा सके।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों पर शिकंजा
पीड़िता की पहचान उजागर करने और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के मुताबिक, साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है।
इस सिलसिले में कुल 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स और विभिन्न प्रोफाइलों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने इन सभी चिन्हित खातों से विवादित वीडियो को तुरंत हटाने के लिए टेक-डाउन नोटिस भी जारी किए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो शेयर करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
