Tuesday, 22 September 2026
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जमुई बदसलूकी मामला: मुख्य आरोपी नंदन यादव एनकाउंटर में घायल, CID जांच शुरू और 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई

संक्षेप में

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा से बदसलूकी के मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में पैर में गोली मारकर घायल कर दिया है। मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है, जबकि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर साइबर थाने में कार्रवाई की गई है।

मुख्य बातें

  • मुख्य आरोपी नंदन यादव गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से घायल हुआ।
  • बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर सीआईडी की स्पेशल टीम मामले की जांच कर रही है।
  • साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज कर 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है।
  • मामले में बीएनएसएस की धाराओं 128, 74, 75 और पोक्सो एक्ट की धाराओं 8 व 12 के तहत एफआईआर दर्ज है।
राज्य समाचार
जमुई बदसलूकी मामला: मुख्य आरोपी नंदन यादव एनकाउंटर में घायल, CID जांच शुरू और 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कार्रवाई

बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ बदसलूकी और उसका वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तारी के दौरान मुख्य आरोपी नंदन यादव ने पुलिस दल पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस बहुचर्चित मामले की जांच अब सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है।

मुठभेड़ में मुख्य आरोपी घायल

एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि मुख्य फरार आरोपी नंदन यादव को पकड़ने के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तारी के वक्त आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर हमला कर दिया। इसके बाद हुई जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।

इस घटना के अन्य दो मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए जमुई और आसपास के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। इससे पहले पुलिस इस मामले में तीन नाबालिग आरोपियों को भी हिरासत में ले चुकी है, जिनकी उम्र 17 से 18 साल के बीच बताई गई है।

SIT का गठन और गंभीर धाराओं में FIR

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई के एलडीपीओ कर रहे हैं। जमुई थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धाराओं 128, 74 और 75 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धाराओं 8 और 12 के अंतर्गत भी मामला दर्ज किया गया है।

दूसरी तरफ, मामले की तह तक जाने के लिए सीआईडी की स्पेशल टीम जमुई पहुंच चुकी है और उसने पड़ताल शुरू कर दी है। टीम इस पूरी घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटी है ताकि सभी संलिप्त आरोपियों को कानूनी शिकंजे में लिया जा सके।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों पर शिकंजा

पीड़िता की पहचान उजागर करने और आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जमुई पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के मुताबिक, साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है।

इस सिलसिले में कुल 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स और विभिन्न प्रोफाइलों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने इन सभी चिन्हित खातों से विवादित वीडियो को तुरंत हटाने के लिए टेक-डाउन नोटिस भी जारी किए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो शेयर करने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जमुई बदसलूकी मामले में मुख्य आरोपी के साथ क्या हुआ?

जमुई बदसलूकी मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव को गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़ में पैर में गोली लग गई। पुलिस के मुताबिक, वह भागने की कोशिश कर रहा था और उसने हमला किया था, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।

जमुई मामले की जांच कौन सी एजेंसी कर रही है?

बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर इस मामले की जांच की कमान सीआईडी (CID) को सौंप दी गई है। इसके अलावा जमुई के एलडीपीओ की निगरानी में एक एसआईटी (SIT) का भी गठन किया गया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने वालों पर क्या कार्रवाई हुई है?

पीड़िता की पहचान उजागर करने और वीडियो वायरल करने के मामले में साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है और वीडियो हटाने के लिए टेक-डाउन नोटिस जारी किए हैं।

आरोपियों के खिलाफ किन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है?

जमुई पुलिस स्टेशन में बीएनएसएस (BNSS) की धाराओं 128, 74 और 75 के साथ-साथ पोक्सो (POCSO) अधिनियम की धाराओं 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।