सीकर के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर परिसर से 15 अगस्त को 20 महीने के बच्चे रोनक के अपहरण का खुलासा हो गया है। पुलिस ने हरियाणा के बल्लभगढ़ से आरोपी महिला पिंकी को गिरफ्तार कर मासूम को सकुशल बरामद कर लिया है। महिला ने औलाद की चाहत में इस वारदात को अंजाम दिया था।
500 CCTV कैमरे और तकनीकी मदद से सुराग
रोनक अपने माता-पिता के साथ उत्तर प्रदेश के बरेली से 15 अगस्त को खाटूश्यामजी दर्शन के लिए आया था। वह अचानक श्यामकुंड के पास से गायब हो गया था। पिता रामबहादुर की शिकायत पर अगले दिन खाटूश्यामजी थाने में अपहरण का मामला दर्ज किया गया था।
एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने प्रेसवार्ता में बताया कि बच्चे की तलाश के लिए पुलिस की 6 विशेष टीमों का गठन किया गया था। सीकर से लेकर हरियाणा तक के करीब 500 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गईं। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस हरियाणा के बल्लभगढ़ पहुंची, जहां एक किराए के मकान से आरोपी महिला को दबोच लिया गया।
पूछताछ में सामने आई अपहरण की वजह
30 वर्षीय आरोपी महिला पिंकी मूल रूप से बिहार की रहने वाली है। पूछताछ में सामने आया कि उसकी शादी के चार साल बाद भी कोई संतान नहीं थी। औलाद की चाहत में उसने पहली बार यह आपराधिक कदम उठाया और बच्चे को चुराकर सीधे हरियाणा ले गई थी।
पुलिस कार्रवाई के बाद मासूम रोनक को उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। एसपी नूनावत ने धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं से बच्चों की कड़ी निगरानी रखने की अपील की है। साथ ही धर्मशाला और होटल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ठहरने वाले हर यात्री की आईडी अनिवार्य रूप से लें।
